बरेली: एफएसटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ FIR, लापरवाही का आरोप
चुनाव ट्रेनिंग के दौरान सोशल मीडिया में उलझे रहने के आरोप में रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। सोशल मीडिया की लत इतनी ज्यादा निकली कि लोकसभा चुनाव में मजिस्ट्रेट का ओहदा देकर उड़नदस्ते के प्रभारी बनाए गए उप दुग्धशाला प्रभारी विवेक वर्मा तीन बार ट्रेनिंग दिए जाने के बाद भी कुछ नहीं सीख सके। इसके साथ संभवत: पहले ऐसे सरकारी अफसर बन गए जिनके खिलाफ सोशल मीडिया की लत की वजह से सरकारी काम की अनदेखी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
डीएम के आदेश पर निर्वाचन व्यय के सहायक नोडल अधिकारी विकास खंडेलवाल की ओर से थाना बिशारतगंज में दर्ज कराई गई इस एफआईआर में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव के लिए विवेक वर्मा को एफएसटी मजिस्ट्रेट (उड़नदस्ता प्रभारी) बनाकर बिशारतगंज क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई थी। मंगलवार को सभी मजिस्ट्रेट को संजय कम्युनिटी हॉल में ई-एसएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए ट्रेनिंग दी गई थी, इसमें जिले के सभी अधिकारी मौजूद थे। विवेक वर्मा भी ट्रेनिंग लेने पहुंचे लेकिन लगातार अपना मोबाइल फोन चलाते रहे। उन्हें ऐसा करने से मना किया गया, लेकिन वह बाज नहीं आए।
इसका नतीजा यह हुआ कि ट्रेनिंग के बाद सॉफ्टवेयर को ऑपरेट करने के तरीके और एप पर सूचना भेजने के बारे में सवाल पूछने पर वह कुछ नहीं बता सके। उन्हें कुल मिलाकर तीन बार ट्रेनिंग दिलाई गई लेकिन उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया। ट्रेनिंग में दिलचस्पी न लेने और अपने मोबाइल पर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप चलाने में व्यस्त रहने के कारण वह कुछ नहीं सीख सके। अब कोई शिकायत आने पर न मौके पर जाकर उसका निस्तारण कर पाते हैं और न ही एप पर रिपोर्ट अपलोड कर पाते हैं। इससे आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। निर्वाचन आयोग के आदेशों की अवहेलना और लापरवाही बरतने के आरोप में विवेक वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: आंवला से आबिद अली को BSP ने बनाया उम्मीदवार
