Kanpur Ghatampur Murder: अवैध कैंटीन बनी थी सेल्समैन के लिए काल! चार दिन पहले हुआ था झगड़ा, पढ़ें पूरी खबर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के जलाला गांव में शराब सेल्समैन आनंद सिंह उर्फ राजा भदौरिया की हत्या की मुख्य वजह अवैध कैंटीन है। इसी कैंटीन को लेकर चार दिन पहले उसका झगड़ा हुआ था। अंधाधुंध कमाई के चक्कर में बिना अनुमति कैंटीन चलाई जा रही है। आबकारी विभाग भी कभी इस तरफ ध्यान नहीं देता।

शराब ठेकों के आसपास संचालित कैंटीन को लेकर अक्सर विवाद होते हैं। कैंटीन चलाने वाले कोई साधारण, नहीं दबंग किस्म के होते हैं, जिनका अकेले गांव में ही नहीं, बल्कि इलाके में खासा दबदबा होता है। रेउना थाना क्षेत्र के श्रीनगर में जिस कैंटीन को लेकर सेल्समैन से विवाद हुआ, उसकी आबकारी विभाग से कोई अनुमति नहीं है। सड़क के किनारे कैंटीन तैयार कर कमाई की जाती है। 

बताते हैं कि कैंटीन में बैठकर शराब पीने वालों से मनचाही उगाई की जाती है। जानकार लोगों का कहना है कि जितनी शराब बेचने में बचत नहीं होती, उससे कहीं अधिक कैंटीन चलाने में कमाई होती है। आबकारी विभाग की माने तो मॉडल शॉप में संचालित कैंटीन का रजिस्ट्रेशन होता है। जहां देसी शराब की दुकान है, उसमें भी कैंटीन चलाने का प्रावधान है, लेकिन अंग्रेजी शराब की दुकान में कैंटीन चलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

घाटमपुर तहसील क्षेत्र में चाहे देशी हो या अंग्रेजी शराब की दुकान, विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर ठेके में कैंटीन संचालित हैं। इतना ही नहीं, दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने बगैर ठेका के ही कैंटीन खोल रखी हैं। इसको लेकर कैंटीन संचालकों और सेल्समैनों में अक्सर विवाद होता है। 

यही श्रीनगर की अंग्रेजी शराब के सेल्समैन राजा भदौरिया के साथ हुआ। अवैध कैंटीन का विरोध करने में उसकी जान चली गई। भाई नारायण भदौरिया ने बताया कि राजा का चार दिन पहले कैंटीन संचालकों से झगड़ा हुआ था। उसी को लेकर उसकी हत्या की गई है।

हिरासत में कैंटीन संचालकों से पूछताछ

हत्याकांड के बाद राजा भदौरिया के भाई नारायण भदौरिया की ओर से लगाए गए आरोपों और तहरीर के आधार पर घाटमपुर पुलिस ने कैंटीन संचालकों को शुक्रवार को ही हिरासत में ले लिया था। श्रीनगर के रहने वाले कैंटीन संचालक अंकित कुशवाहा उर्फ धीरू और विपिन कुशवाहा से पुलिस पूछताछ कर घटना के खुलासा का प्रयास कर रही है। 

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