Bareilly News: अपनों से Sexual Assault का खतरा ज्यादा, करीबियों के 'गुड टच' और 'बैड टच' की पहचान जरूरी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सेक्शुअल असॉल्ट जागरूकता माह, जोकि हर साल अप्रैल में मनाया जाता है। इस माह को मनाने के मुख्य उद्देश्य यौन हिंसा की रोकथाम को बढ़ावा देना है। क्योंकि हर साल लाखों महिला यौन उत्पीड़न की शिकार होती हैं। जिसका प्रभाव घटना से कहीं अधिक समय तक रह सकता है, जिससे संभावित रूप से आघात और अन्य गंभीर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। 

वहीं बरेली में जनवरी से मार्च तक सेक्शुअल असॉल्ट के लगभग 308 मामले देखने को मिले हैं, जिसमें 280 छेड़छाड़, 19 दुष्कर्म और 9 पॉक्सो के मामले थे। यह भी देखा गया है कि दुष्कर्म के अधिकतर मामलों में पीड़िता की जान-पहचान वाला ही होता है।

बच्चों के साथ भी यौन शोषण के मामलों में ज्यादातर पहचान के ही लोग होते हैं। तो ऐसे में सेक्सुअल असॉल्ट से बचने और बच्चों को करीबियों के गुड टच और बैड टच की पहचान कराना जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि रेप, छेड़खानी, सेक्शुअल रिमार्क और एब्यूज जैसे क्राइम बढ़ने के कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में...

यौन हिंसा का बड़ा कारण नशाखोरी 
नशे का सेवन करने से फिजिकल और सेक्शुअल वॉयलेंस बढ़ता है। जिसके कारण अक्सर कई सारी महिलाओं को पति के नशा करने पर सेक्शुअल वॉयलेंस का सामना करना पड़ता है। साथ ही नशे में धुत लोग किसी के साथ भी सेक्शुअल वॉयलेंस करने से नहीं चूकते हैं। वहीं तमाम ऐसे मामले भी सामने आते रहते हैं, जब आरोपी ने नशे में किसी के साथ दुष्कर्म किया हो। 

अश्लील फिल्में देखना या अश्लील सामग्री पढ़ना
आज के आधुनिक युग में लगभग सभी लोग फोन का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें इंटरनेट के माध्यम से अश्लील फोटो, वीडियो और अन्य सामग्री भी उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में तमाम लोग इनकी ओर आकर्षित होकर दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देने से भी नहीं चूकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर ऐसी अश्लील सामग्रियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

करीबियों के गुड टच और बैड टच की पहचान जरूरी  
परिजनों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताएं। जिससे अगर कोई बच्चे के साथ किसी तरह की गलत हरकत करता है तो उस बच्चे को मालूम हो जाए की वह गुड टच है या फिर बैड टच। इसलिए इसकी जानकारी देना जरूरी है।

गलत हरकत की परिजनों से करें तुरंत शिकायत
अक्सर महिलाएं और बच्चे किसी तरह की गलत हरकत की परिजनों को शिकायत नहीं करते हैं। जिसके कारण आस-पास के लोग ही इस बात का फायदा उठाने से नहीं चूकते हैं। इसलिए परिजनों को तुरंत शिकायत करना जरूरी है, ताकि सेक्शुअल वॉयलेंस से बचा जा सके।

परिजन बच्चों से रखें दोस्ताना व्यवहार
अक्सर परिजन अपने बच्चों को डराकर रखना पसंद करते हैं। जिसके कारण कोई उन्हें परेशान कर रहा हो या फिर गलत हरकत करता है तो वह ऐसे में परिजनों को कुछ भी बताने में डरते हैं। इसलिए जरूरी है कि परिजन अपने बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें।

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