बदायूं: मेरठ में रहती हैं प्रधान...अन्य के हवाले वित्तीय पॉवर, DPRO ने जारी किया नोटिस
बदायूं, अमृत विचार: लोकसभा चुनाव में अधिकांश मतदान केंद्रों को परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों में बनाया गया है। जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सुधारात्मक कार्य कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। इस सब के बाद भी प्रधान और सचिव द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। वहीं पंचायती राज विभाग द्वारा मतदान केंद्रों का निरीक्षण कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत को दहगवां ब्लॉक के एक मतदान केंद्र पर जाने के लिए रास्ते पर जलभराव की स्थिति मिली। वहां अन्य अव्यवस्थाएं भी हावी हैं। प्रधान भी गांव में नहीं रहतीं। ग्राम निधि खाते का संचालन अन्य व्यक्ति कर रहा है। निरीक्षण आख्या उनके द्वारा डीपीआरओ को दी गई। आख्या मिलने के बाद विभागीय अधिकारी ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी जवाब तलब किया है।
दहगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत भोजीपुरा पावई का विगत दिनों एडीओ पंचायत द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पोलिंग बूथ वाले रास्ते पर नया खंडजा डाला गया है। जो काफी ऊंचा है। उसके ऊंचा होने पर रास्ते पर जलभराव हो गया है। पास में बने तालाब में पानी काला था। जिसकी वजह से संक्रामक रोग पनपने की संभावना बनी हुई है।
स्कूल में बना शौचालय भी बदहाल स्थिति में पड़ा है। गांव में कई विकास कार्य ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा कराए जा रहे हैं। जिनमें अनियमितताएं बरती जा रही हैं। विकास कार्य रुकवाने के लिए एडीओ पंचायत द्वारा मौखिक रूप से सचिव के लिए कहा गया। परंतु निर्माण कार्य उनके द्वारा बंद नहीं किया गया है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने एडीओ पंचायत को बताया कि गांव की प्रधान श्री देवी मेरठ में रह रही हैं।
ग्राम निधि के खाते का संचालन अन्य व्यक्त द्वारा किया जा रहा है। वहीं सरकारी धनराशि से कराए जा रहे विकास कार्यों का भुगतान प्रधान के हस्ताक्षर करके कर रहा है। एडीओ पंचायत ने निरीक्षण आख्या डीपीआरओ के समक्ष प्रस्तुत कर दी। आख्या मिलने के बाद डीपीआरओ ने सख्त कदम उठाते हुए ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया है।
जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। इस संबंध में डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि गांव भोजीपुरा पावई एडीओ पंचायत से निरीक्षण कराया था। मतदान केंद्र पर अव्यवस्थाएं मिली हैं। जानकारी में आया है प्रधान भी वहां नहीं रहती। प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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