एटा: मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई नाक की सर्जरी, सड़क दुर्घटना में युवक की टूट चुकी थी नेजल बोन

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एटा, अमृत विचार। वीरागंना अवन्तीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (राजकीय मेडिकल कॉलेज) में डॉक्टरों ने सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के नेजल बोन को जोड़ने का काम किया है। समय पर इलाज मिलने से मरीज को आगे चलकर सांस संबंधी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि नाक की हड्डी न जुड़ने पर मरीज को सांस संबंधी समस्या हो सकती थी। खास बात यह है कि एटा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार इस तरह की सर्जरी हुई है।

दरअसल, कुछ साल पहले तक यहां के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए आगरा और अलीगढ़ का रुख करना पड़ता था, लेकिन वीरागंना अवन्तीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (राजकीय मेडिकल कॉलेज) की शुरूआत होने के बाद अब मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है।

इसी के तहत वीरागंना अवन्तीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (राजकीय मेडिकल कॉलेज) में ईएनटी विभाग के असिटेंट प्रो.(डॉ.) आशीष शर्मा ने सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के नाक की टूटी हुर्ह हड्डी जोड़ने में सफलता हासिल की है। प्रो. आशीष शर्मा ने बताया कि हायर सेंटर पर तो इस तरह की सर्जरी आम हैं,लेकिन यहां मेडिकल कॉलेज में पहली बार इस तरह की सर्जरी हुई है। इस तरह की सर्जरी एटा मेडिकल कॉलेज में होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां के मरीजों को विशेष इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। 

उन्होंने बताया कि 35 वर्षीय युवक अमिर की सड़क दुर्घटना में नाक की हड्डी टूट गई थी। जिसके चलते नाक गंभीर रूप से सूज गई थी। यदि सर्जरी न की जाती तो आगे चलकर मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती। शुरूआत में मरीज की सूजन कम करने के लिए दवा दी गई। नाक की सूजन कम होते ही सर्जरी की गई। मरीज पूरी तरह से अब स्वस्थ है। इस सर्जरी में सीनियर रेजीडेंट डॉ. सचिन ने भी अहम योगदान दिया है।

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