बरेली: गड्ढा मुक्त नहीं हुईं सड़कें, पैचवर्क में खपा दिया लाखों का बजट
बरेली, अमृत विचार। 15 अक्टूबर तक जनपद की सड़कों को सीएम योगी आदित्य नाथ ने गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को 60 लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया गया था पर सड़कें सिर्फ कागजों में ही गड्ढा मुक्त की गई हैं। शहर से देहात तक तमाम सड़कें …
बरेली, अमृत विचार। 15 अक्टूबर तक जनपद की सड़कों को सीएम योगी आदित्य नाथ ने गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को 60 लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया गया था पर सड़कें सिर्फ कागजों में ही गड्ढा मुक्त की गई हैं। शहर से देहात तक तमाम सड़कें गड्ढों से पटी पड़ी हैं।
बाकी सड़कों का हाल तो छोड़ ही दीजिए, नगर निगम जिन सड़कों को स्मार्ट बनाने चला था उनकी ही कोई सुध नहीं ले रहा। सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। यहां दिनभर धूल, मिट्टी और कीचड़ से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग को जनपद की करीब 50 सड़कों को 60 लाख रुपये से गड्ढा मुक्त करना था। एनएचएआई को शाजहांपुर से मुरादाबाद तक गड्ढामुक्त किया जाना था। टूटी सड़कों का जल्दबाजी में पैचवर्क कर बजट खपाने का कार्य लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने कर दिया है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अधिकांश सड़कों को गड्ढा मुक्त तो कर दिया गया लेकिन मौके पर अभी भी बड़े गड्ढे मौजूद हैं। शहर के चौपुला से परसाखेड़ा तक जाने वाली सड़क कुछ दिन पहले बनना दिखा गया है लेकिन सड़क उखड़ रही है। बदायूं रोड, सेटेलाइट से श्यामगंज, पीलीभीत बाईपास मार्ग पर गड्ढा मुक्ति अभियान का कोई असर नहीं दिख रहा है।
नगर आयुक्त ने भी 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई जगहों पर पाइप लाइन और सीवर लाइन तोड़ दी गई हैं जिससे कालोनी के लोगों को परेशानी हो रही है। धर्मकांटा से प्रेमनगर थाना रोड का निर्माण अधूरा पड़ा है। नगर निगम की तरफ से बीडीए को कई बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए बीडीए के पास पैसा ही नहीं है। पहली किस्त तो जारी कर दी थी लेकिन दूसरी किस्त जारी न होने की वजह से ठेकेदार ने काम बीच में ही रोक दिया है। वहीं शहर के पुलों की सर्विस रोड भी जर्जर हो चुके हैं।
40 लाख में बनी सीसी सड़क बनने के छह माह बाद उखड़ी
छह माह पहले किला पुल के नीचे पीडब्ल्यूडी ने 40 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड बनाई थी जो जर्जर होने लगी है। 300 मीटर लंबी सड़क पर 40 लाख रुपए का बजट खपाने वालों ने सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग किया है। इसके चलते सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है। सड़क सत्यापन कर आला अफसरों को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। ऐसे में सड़क निर्माण पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
