बरेली: रामगंगा नदी किनारे अवैध खनन पर छापा, तीन ट्रैक्टर-ट्राली जब्त

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। खादी और खाकी के गठजोड़ से खनन माफिया रामगंगा नदी का महीनों से सीना छलनी कर अपनी जेबें भर रहे हैं। कई बार पुलिस से अवैध खनन की शिकायतें की गईं। प्रशासनिक अफसरों तक मामला पहुंचा लेकिन माफिया के आगे सिस्टम कमजोर नजर आया। इस लापरवाही से नदी किनारे अवैध खनन दिन …

बरेली, अमृत विचार। खादी और खाकी के गठजोड़ से खनन माफिया रामगंगा नदी का महीनों से सीना छलनी कर अपनी जेबें भर रहे हैं। कई बार पुलिस से अवैध खनन की शिकायतें की गईं। प्रशासनिक अफसरों तक मामला पहुंचा लेकिन माफिया के आगे सिस्टम कमजोर नजर आया। इस लापरवाही से नदी किनारे अवैध खनन दिन और रात बेखौफ चल रहा है।

15 अक्टूबर के नगर संस्करण में दैनिक ‘अमृत विचार’ ने रामगंगा नदी में अवैध खनन को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। दिन में अवैध खनन होने का वीडियो देखकर जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त और जिला खनन अधिकारी सकते में आ गए। जिलाधिकारी तक मामला पहुंचने के बाद जिला खनन अधिकारी कमल कश्यप और उनकी टीम सक्रिय हो गई। वह टीम के साथ गुरुवार की रात चौबारी स्थित रामगंगा नदी में छापा मारने निकले।

टीम करगैना होते हुए चौबारी से पहले रेलवे क्रासिंग पर पहुंची, तब उन्हें लाइन से अवैध बालू लेकर तीन ट्रैक्टर ट्रालियां आती दिखीं। टीम ने टार्च मारी तो ट्रैक्टर-ट्रालियों पर बैठे लोग और चालक भाग खड़े हुए। टीम ने तीनों ट्रैक्टर ट्रालियों को कब्जे में ले लिया। जिला खनन अधिकारी व उनकी टीम मौके से हट नहीं पाई कि अवैध खनन करने वाले करीब 50-60 लोग वहां आ गए। इससे टीम घबरा गई।

जिला खनन अधिकारी ने सूझबूझ से काम लेते हुए लोगों के बीच से बालू से भरी तीनों ट्रैक्टर-ट्रालियां वहां से ले जाकर करगैना पुलिस चौकी में खड़ी करा दीं। इसके बाद जिला खनन अधिकारी टीम के साथ रामगंगा नदी में छापा मारने पहुंचे। मौके पर तुरंत खनन अवैध के निशान मिले। हालांकि, खनन करते कोई नहीं पकड़ा गया।

खनन होते नहीं मिला, निशान जरूर मिले
जिला खनन अधिकारी ने टीम के साथ शुक्रवार तड़के भी रामगंगा नदी में छापा मारा लेकिन अवैध खनन होते नहीं मिला। मौके पर बड़े क्षेत्र में अवैध खनन होने के निशान जरूर मिले। माफिया ने नदी किनारे को गहरायी तक छलनी किया है। जेसीबी तक चलायी गयी हैं। बताते हैं कि इस क्षेत्र में पुलिस, राजस्व और कुछ राजनीतिक लोगों के संरक्षण में खनन माफिया अवैध खनन करा रहे हैं।

बिना पुलिस के सहयोग से मारा छापा, उठे सवाल
खनन विभाग की टीम ने बिना पुलिस के सहयोग से रामगंगा किनारे अवैध खनन वाले क्षेत्र में रात में छापा मारा। इससे सवाल उठ रहे हैं कि खनन टीम को घेरकर अवैध खनन करने वाले हमला कर देते तो मामला बड़ा हो सकता है। हालांकि, इस मामले में खनन के अधिकारी कहते हैं कि पुलिस को बताकर छापा मारने जाते तो ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ में नहीं आतीं।

अवैध खनन से मालामाल हो गए कई विभागों के कर्मचारी
कैंट, खजुरिया घाट, नकटिया समेत रामगंगा नदी में अवैध खनन कराकर कई सरकारी विभागों के कर्मचारी मालामाल हो गए। रात में खनन पुलिस की सरपरस्ती में होता है यह बात जगजाहिर है। कैंट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन हो रहा है। मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। देर रात और तड़के प्रतिदिन अवैध खनन हो रहा है।

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