रायबरेली : मां-बेटे की जहर देकर हत्या करने का आरोप
मृतका की भाभी ने लगाया आरोप, सात लोगों पर केस दर्ज
सलोन, रायबरेली, अमृत विचार। पारिवारिक कलह के चलते मां-बेटे को एक साथ जहर देकर ससुरालीजनों ने मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी मायके पक्ष में होते ही कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पति-ससुर को हिरासत में ले लिया। वही मुकदमा पंजीकृत ना होने से नाराज मायके पक्ष के लोगों ने दोनों मां-बेटे के शवों को दफनाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने पति, सास, ससुर समेत सात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
कोतवाली अंतर्गत पूरे बोधी मजरे इच्छनगोढा गांव की रहने वाली रीना (35) पत्नी धर्मेंद्र और उसके बेटे रितिक (8) की सोमवार सुबह मौत हो गई थी। थोड़ी देर बाद छोटी बेटी रियांशी (4) की भी हालत बिगड़ी तो बहन के ससुराल पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने उसे एम्स में भर्ती कराया था। वही मायके पक्ष के दबाव में पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया था। इधर मृतका की भाभी अनीता पत्नी आशीष निवासी तरकोलवा बाराडीह का कहना है कि उसकी ननद और भांजे को जहर देकर ससुराल पक्ष के लोगो ने मार डाला है। जबकि छोटी बेटी को भी जहर दिया था, लेकिन समय रहते उसे एम्स में भर्ती कराकर बचा लिया गया।
उसने बताया कि सोमवार सुबह उसकी ननद रीना ने फोन पर बताया कि सास ससुर और पति उसे जहर देकर जान से मार देने की बात कर रहे है। उसे यहां से आकर ले जाये। उसके और उसके बच्चो की जान खतरे में है। थोड़ी देर बाद दोनो की मौत की सूचना दी गई। वही घटना के 36 घण्टे बीत जाने के बाद पुलिस ने ससुराल पक्ष पर मुकदमा नही दर्ज किया तो मायके पक्ष के लोग आक्रोशित हो उठे। मंगलवार दोपहर पीएम हाउस से शव गांव पहुंचने पर मृतका के भाई ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
इस दौरान पुलिस और मायके पक्ष के लोगो मे आधे घण्टे तक बहसबाजी होती रही। पुलिस का कहना था कि पति और ससुर पुलिस की हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि करीब एक घण्टे बाद पुलिस ने मृतका के भाई आशीष की तहरीर पर पति धर्मेंद्र, ससुर शिव बहादुर, जेठ रबिन्द्र जेठानी, ननद अनिता और सास समेत सात लोगो के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है। कोतवाल जितेंद प्रताप सिंह का कहना है कि मृतका के भाई की तहरीर पर पति समेत सात लोगो पर हत्या का केश दर्ज किया गया है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
