मुरादाबाद: महंत की रहस्मयी मौत की हो सीबीआई जांच, हंगामा

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मुरादाबाद, अमृत विचार। संत रामदास की रहस्मयी मौत के बाद हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों का पारा चढ़ता जा रहा है। शनिवार को पीलीकोठी पर शव रखकर जाम लगाने के बाद रविवार को फिर हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों का गुस्सा भड़क गया। गुरहट्टी चौराहे पर एकत्र हुए पदाधिकारियों ने हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। इस …

मुरादाबाद, अमृत विचार। संत रामदास की रहस्मयी मौत के बाद हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों का पारा चढ़ता जा रहा है। शनिवार को पीलीकोठी पर शव रखकर जाम लगाने के बाद रविवार को फिर हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों का गुस्सा भड़क गया। गुरहट्टी चौराहे पर एकत्र हुए पदाधिकारियों ने हंगामा करते हुए जाम लगा दिया।

इस दौरान सभी ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे अफसरों से भी सभी की नोकझोंक हुई। सभी एक सुर में इस मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे। निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम खोला।

शनिवार का महंत रामदास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह गलशहीद थाना क्षेत्र में बाल्मीकि बस्ती स्थित एक मंदिर में मृत पाए गए थे। उनके सभी मोबाइल और नकदी गायब थी। महंत की मौत की सूचना पर परिजनों के साथ-साथ हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने के पर शव ले जाते समय खफा लोगों ने पीलीकोठी पर जाम लगा दिया था। करीब एक घंटे तक लगे जाम के दौरान सभी ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की थी। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया था।

रविवार को अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता गुरहट्टी चौराहे पर एकत्र हुए। यहां पर जाम लगाने के साथ ही उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि संत के मोबाइल फोन गायब होना, सीधे तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। फोन बरामद होने के साथ ही उनकी रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। साथ ही सभी निष्पक्ष कार्रवाई के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे। हंगामे की सूचना पर पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी आ गए। अफसरों ने समझाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मोबाइल तलाशने के भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अफसरों के आश्वासन के बाद पदाधिकारियों ने जाम खोला।

हालांकि चेतावनी दी कि अगर जल्द खुलासा नहीं हुआ तो संगठन के लोग सड़कों पर उतरने का मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर अंशुल मित्तल, अमित अग्रवाल, सिद्धार्थ मिश्रा, श्याम कृष्ण रस्तोगी, रोहन सक्सेना, देव कुमार और मंजीत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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