बाराबंकी : प्रसूता को अवैध नर्सिंग होम में कराया भर्ती, डाक्टर ने मारा छापा
आशा बहू ने खतरे में डाली प्रसूता की जान, जांच शुरु
अमृत विचार, बाराबंकी। सीएचसी में भर्ती प्रसूता की हालत गंभीर होने पर आशा बहू बिना डिस्चार्ज कराए ही वहां से ले जाकर मकान में संचालित एक अवैध नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। इसकी भनक सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल को लगते ही स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर छापा मारा।
इस दौरान तमाम दवाइयां व इंजेक्शन और ग्लूकोज एक बेंच पर रखे मिले। तथा प्रसूता पलंग पर लेटी पाई गई। जिसे तत्काल एंबुलेंस के द्वारा सीएचसी भेजा गया। जहां पर हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव पाए जाने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम डीपो बड़नपुर निवासिनी 23 वर्षीय प्रसूता संजू पत्नी दीपक को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे एंबुलेंस के द्वारा सीएचसी रामनगर लाए। जहाँ पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने पीड़िता संजू को जिला अस्पताल भेजने की बात कही लेकिन मौके पर मौजूद आशा बहू पुष्पा उसके परिजनों को बलगलाकर अच्छा इलाज करने की बात कह कर बिना डिस्चार्ज कराए ऑटो रिक्शा द्वारा नगर पंचायत रामनगर के मोहल्ला कादिराबाद स्थित एक घर में कथित डॉक्टर मीरा शर्मा द्वारा संचालित अवैध नर्सिंग होम पर ले गईं।
जहां पर मरीज के परिजनों से 1360 रुपए की दवाइयां मंगा कर उसका इलाज करना शुरू किया। मामले की जानकारी होते ही सीएचसी अधीक्षक डॉ.मुकुंद पटेल स्वास्थ्य कर्मी प्रभात सिंह, समीर अहमद, रामानुज सिंह भारी पुलिस बल को लेकर मीरा नर्सिंग होम पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पीड़िता संजू पलंग पर लेटी हुईं मिलीं। जिसका इलाज चल रहा था। परिजनों के द्वारा इलाज के लिए लाई गई तथा भारी मात्रा में अन्य दवाइयां ग्लूकोस व इंजेक्शन मौके पर बरामद हुए।
डिलीवरी केबिन व समूचे कमरे में गंदगी का साम्राज्य था। नर्सिंग होम की संचालिका से जब डॉ.मुकुंद पटेल ने डिग्री तथा नर्सिंग होम के संचालन के बारे में पूछा तो कुछ भी जवाब नहीं दे पाईं। आशा बहू पुष्पा मौके से फरार हो गईं। पीड़िता संजू को एंबुलेंस के द्वारा सीएचसी रामनगर लाया गया। जांच में पीड़िता के हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव पाए जाने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकुंद पटेल ने बताा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नर्सिंग होम संचालिका कथित डॉक्टर मीरा शर्मा तथा आशा बहू पुष्पा के खिलाफ कठोर कार्रवाई की होगी।
आशा की कमाई मोटी, प्रसूता की जान सस्ती
कस्बा रामनगर में बुधवार को हुई इस तरह की घटना कोई नई बात नहीं है, ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर कई लोगों ने अपने-अपने घरों तथा किराए के मकान में अवैध नर्सिंग होम खोल रखे हैं। नर्सिंग होम संचालकों के इस अवैध कार्य में तमाम आशा बहुएं पूरा सहयोग करती हैं।
जिसके एवज में इन्हें भी भारी भरकम रकम मिलती है। पीड़िता मरे या जिंदा रहे संचालक को व आशा बहूओं का इससे कोई लेना देना नहीं है। कई प्रसव पीड़िताएं नर्सिंग होम संचालकों व आशा बहू के चंगुल में फंसकर तमाम पैसा खर्च करने के बाद भी अपनी जान भी गवां चुकी है। लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अंजान बने हुए हैं। जिससे उनकी भी भूमिका संदेह के घेरे में हैं।
