Kanpur Dehat: रनियां में दाे गुटों के बीच बवाल...पथराव-फायरिंग में 16 घायल, थाने के फोर्स के साथ पहुंचे सीओ को उपद्रवियों ने दौड़ाया
कानपुर देहात के रनियां मामूली बात पर वर्चस्व की जंग में बढ़ा बवाल
कानपुर देहात, अमृत विचार। रनियां थानाक्षेत्र के आर्यनगर प्रथम और फत्तेपुर रोशनाई गांव के बीच हुए बवाल की मुख्य वजह वर्चस्व की जंग है। बुधवार को गोलगप्पे के ठेले पर मामूली बात को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस से शिकायत करने पर मामला इतना बढ़ गया कि गुरुवार को पथराव, गोलीबारी और बमबाजी की नौबत आ गई। सबक सिखाने के लिए हमला बोला गया। ऐसा हमला कि पुलिस भी बैकफुट पर नजर आई।
आर्यनगर प्रथम गांव फत्तेपुर रोशनाई ग्राम पंचायत का ही मजरा है, जो झांसी हाईवे से सटा है और राजेंद्रा चौराहे पर बाजार लगती है। आर्यनगर में गांव का ही एक युवक गोलगप्पे का ठेला लगाता है। बुधवार को फत्तेपुर रोशनाई गांव के कुछ लड़के गोलगप्पा खाने पहुंचे थे, जहां मामूली बात को लेकर ठेले वाले से विवाद हो गया था। विवाद मारपीट में बदल गई थी। इस मारपीट को लेकर रनियां थाने में तहरीर दी गई थी।
आर्यनगर के चेतन सिंह का आरोप है कि तहरीर देने के बाद फत्तेपुर रोशनाई के दर्जन भर लड़के फिर आर्यनगर पहुंचे और गालियां देते रहे। कुछ लोगों ने उस समय उन्हें वापस कर दिया, लेकिन रात नौ बजे फिर दोपहिया वाहनों में सवार होकर आए और हाथों में तमंचे लहराते हुए धमकियां देते रहे।
गुरुवार को फिर पहले दोपहर में समूह बनाकर आए और धमकियां देकर चले गए। शाम करीब साढ़े चार बजे फिर आए और हमला कर दिया। हमले को लेकर दोनों गांवों के लोगों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई। फिर तो आर्यनगर में फत्तेपुर रोशनाई का जो भी शख्स दिखा, उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से भीड़ बढ़ती गई और बवाल बढ़ता रहा। वाहनों में तोड़फोड़, मारपीट, गोलीबारी के साथ बमबाजी शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
कार्रवाई न होने से पुलिस के प्रति भड़का गुस्सा
बवाल की सूचना पर सीओ तनु उपाध्याय रनियां थाने के फोर्स के साथ आर्यनगर पहुंचीं, लेकिन बुधवार की घटना में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में गुस्सा भड़क गया और ईंट-पत्थर लेकर पुलिस को भी दौड़ा लिया। सीओ फोर्स के साथ लौटीं और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। वह पुल के नीचे खड़ी रहीं। चार थानों गजनेर, अकबरपुर, रूरा और बरौर थाने का फोर्स पहुंचने के बाद सीओ फिर आगे बढ़ीं और किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर बवाल शांत किया। लोगों का कहना था कि अगर बुधवार को मारपीट की घटना के बाद पुलिस ठोस कदम उठाती तो आज यह बवाल नहीं होता।
भगदड़ के बीच जान बचाने की परवाह
जिस समय दोनों पक्षों के बीच बवाल शुरू हुआ और गोलीबारी के साथ बमबाजी होने लगी तो एकबारगी भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। आर्यनगर में बवाल के बाद फत्तेपुर रोशनाईं गांव के लोग भी पहुंच गए और बवाल में शामिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अनियत्रित भीड़ में शामिल लोगों ने कई राउंड फायरिंग करते हुए हथगोले फोड़े, जिससे भगदड़ मच गई। दुकानों में तोड़-फोड़ की।
बवाल में ये लोग हुए घायल
बवाल में पीयूष गुप्ता, प्रीति, बबली, छोटेलाल, रविकांत, दिव्यांशी, सौरभ, पंकज, रामजी, संजय सेंगर, अर्पित, लकी, सत्यम, रोहिणी, अंकिता, एकता आदि लोग घायल हुए हैं। एसओ महेंद्र पटेल ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर रात आर्यनगर के चेतन सिंह की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
एएसपी रनियां थाने पहुंचे
भारी बवाल के बाद अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय देर रात रनियां थाने पहुंचे और सीओ तनु उपाध्याय से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। दोनों गांवों के बीच तनाव को देखते हुए भारी फोर्स तैनात किया गया है। दोनों गांवों के बीच बमुश्किल एक किलोमीटर की दूरी है, जिससे किसी भी समय फिर बवाल बढ़ने की आशंका है। फिलहाल पुलिस ने किसी भी गिरफ्तारी से इंकार किया है।
