Bareilly News: कैसे-कैसे बच्चे...घर में रखे देखे एक लाख तो उठाकर चल दिए सफर पर
जीआरपी ने अलीगढ़ पैसेंजर में मिले नौ साल की बच्ची और छह साल के उसके भाई को चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द किया
बरेली, अमृत विचार। नौ साल की लड़की और छह साल का उसका भाई घर में थैली में रखे एक लाख रुपये देखकर इतना उत्साहित हुए कि उनसे खेलते हुए ट्रेन में बैठ गए, लेकिन रास्ते में ही उनके हौसले ने जवाब दिया तो रोना शुरू कर दिया। जीआरपी ने दोनों को कब्जे में लेकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है। बच्चों ने बताया कि उनके पिता अलीगढ़ में एक होटल में बर्तन धोते हैं और मां मांगने का काम करती है।
ट्रेन 04377 अलीगढ़-बरेली पैसेंजर में बहजोई स्टेशन के पास चेकिंग कर रहे जीआरपी स्टाफ को नौ वर्षीय बच्ची और 6 साल का उसका भाई रोते हुए मिले। बृहस्पतिवार रात 12 बजे ट्रेन बरेली जंक्शन पहुंची तो बच्चों को उतारकर जीआरपी थाने लगाया गया। इंस्पेक्टर जीआरपी अजीत प्रताप सिंह की सूचना पर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के दिव्या कठेरिया और सौरभ दीक्षित थाने पहुंचे। बच्चों के पास मौजूद काले रंग की थैली में करीब एक लाख रुपये की रकम मिली तो जीआरपी और हेल्प डेस्क का स्टाफ हैरान रह गया।
बच्ची ने बताया कि वे लोग अलीगढ़ में रहते हैं। पिता होटल में बर्तन धोते और मां मांगने का काम करती है। मदरसे में पढ़ने वाली लड़की ने अपनी शिक्षिका का फोन नंबर बताया जिससे बात करने पर बच्चों के माता पिता का पता चला। बच्चों ने बताया कि पिता ने घर में एक लाख रुपये लाकर रखे थे। वे उनसे खेलते हुए ट्रेन में बैठ गए। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर एक रात के लिए बार्न बेबी फोल्ड में रखा गया है। शनिवार को उनके माता पिता के बरेली आने की संभावना है।
मुंबई जाने के लिए घर से अकेले निकली किशोरी
ट्रेन 04067 डिब्रुगढ़ दिल्ली स्पेशल ट्रेन में सफर कर रही 16 वर्षीय किशोरी को आरपीएफ ने कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार देर रात जंक्शन पर उतार लिया। किशोरी ने पूछताछ में बताया कि वह बस्ती जिले की रहने वाली है। घर वालों को बिना बताए ट्रेन से अपनी बहन के पास मुंबई जा रही थी। लड़की के घर वालों से बात कर उसे रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया।
चाइल्ड हेल्प डेस्क सदस्य दिव्या कठेरिया ने बताया कि किशोरी को सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। घरवालों के आने पर उसे उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। पांच से छह साल उम्र के तीन और बच्चे स्टेशन पर बरामद किए गए। तीनों बच्चों के अपने घर का सही पता न बता पाने पर उन्हें फिलहाल रामपुर राजकीय बाल शिशुगृह भेज दिया गया है।
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