Kanpur: धड़ल्ले से हुई छायादार पेड़ो की कटाई, वन विभाग व पुलिस से सांठ-गांठ कर माफियाओं ने बना डाला रेगिस्तान

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में लगातार हो रहे हरे फलदार व छायादार वृक्षों की कटान की धड़ल्ले से हो रही है। यहां पर वन विभाग व पुलिस की साठ गांठ से क्षेत्र विरान होता जा रहा है। लकड़ी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि खुलेआम हरे छायादार पेड़ काट रहे हैं।

घाटमपुर तहसील क्षेत्र के थाना सजेती के सुजानपुर व कोरिया, सवाईपुर गांवो में आधा सैकड़ा छायादार व फलदार पेड़ों की कटान सिर्फ एक महीने के अन्दर हुईं हैं। यहां पर काटे गए पेड़ों के अवशेष अभी मौजूद हैं। जिससे यह साबित हो सकता है कि पेड़ छायादार व फलदार है या नहीं है। सुजानपुर गांव के जगदेव यादव के खेत में खड़े आधा दर्जन फलदार वृक्षों को एक लकड़ी माफिया के द्वारा काटे गए हैं।

जिनके अवशेष मौके पर मौजूद हैं। इसका विरोध गांव के लोगों के द्वारा किया गया और इसकी सूचना सजेती पुलिस को दी गई। परन्तु वन रेंजर राकेश पाण्डेय के द्वारा जारी किए गये परमीशन के चलते लकड़ी माफिया बच गया। 

थाना प्रभारी बृजमोहन सिंह ने बताया कि वन विभाग के द्वारा जारी परमीशन पर कटान हुई है। अभी हाल ही में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने एक बैठक कर पर्यावरण को बचाने के लिए हरे छायादार, फलदार पेड़ों की कटान पर रोक लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। परंतु घाटमपुर तहसील क्षेत्र में कटान लगातार जारी है।

सुजानपुर गांव के लोगों ने कहा कि अगर कोई ईमानदार अधिकारी आकर जांच करें तो वह काटे गए पेड़ों के अवशेष अभी दिखा सकते हैं। वन क्षेत्राधिकारी राकेश पाण्डेय ने बताया कि अभी मखौली गांव में अमरुद के बाग की कटान हुई है। ये पेड़ो को काटने की छूट होती है। जैसे लिपटिस, अमरुद,बेरी, बबूल आदि पेड़ आते हैं। सुजानपुर में पेड़ों की कटान की भी जांच की जायेगी।

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