शाहजहांपुर: पांच लाख की है मेडिकल कॉलेज से चोरी की जा रही सर्जिकल सामग्री, जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय कमेटी
शाहजहांपुर, अमृत विचार: राजकीय मेडिकल कालेज से चोरी कर ले जाई जा रही सर्जिकल सामग्री पांच लाख रुपये की थी। आकलन के बाद इसका खुलासा हुआ है। साथ ही प्रकरण सामने के आने के बाद मेडिकल कॉलेज के चीफ फार्मेसिस्ट संदीप बंसल को हटाकर चीफ फार्मेसिस्ट सुभाष कन्नौजिया को चार्ज दिया गया है। चालक के साथ भागने वाला मेडिकल कालेज का प्राइवेट कर्मचारी निकला है। मेडिकल कालेज की तीन सदस्यी कमेटी अपने स्तर से कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
शनिवार की रात 11 बजे पिकअप ट्रामा सेंटर के सामने से निकल रही थी। सुरक्षा गार्ड ने चालक को हाथ देकर पिकअप रोकने का इशारा किया। ऐसे में चालक और एक अन्य व्यक्ति मेडिकल कालेज गेट से पहले पिकअप को रोककर भाग गए। सुरक्षा गार्ड ने अपने सुपरवाइजर राम प्रकाश को जानकारी दी। सुपरवाइजर ने कालेज के प्राचार्य डा. राजेश कुमार को बताया। इसके बाद पिकअप को ट्रामा सेंटर पर खड़ा करा दिया गया।
कालेज के प्राचार्य ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनायी। कमेटी में डा. आशिफ, डा. गिरी और चीफ फार्मासिस्ट सुभाष कन्नौजिया हैं। कमेटी ने अपने स्तर से जांच शुरू की। पिकअप में लदे बोरे को खोला गया तो काटन, गलब्स, कई तरीके की सीरेंज, टेप, उायना, प्लास्ट निकला है। बताते हैं कि चोरी से जा रही सर्जिकल सामग्री करीब पांच लाख रुपये की होगी। दो बोरी काटन, कई डिब्बे सीरेंज थी। जांच कमेटी अपने स्तर से जांच कर रही है।
जांच कमेटी ने मेडिकल कालेज स्टोर के प्रभारी चीफ फार्मेसिस्ट संदीप बंसल को हटाकर ट्रामा सेंटर भेज दिया। जबकि चीफ फार्मेसिस्ट सुभाष कनौजिया को मेडिकल स्टोर का चार्ज दिया है। बताते हैं कि चालक के साथ जो व्यक्ति था, वह मेडिकल कालेज में प्राइवेट कर्मचारी है। तीन स्तरीय जांच कमेटी अपने स्तर से कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
स्टोर रूम के आस-पास कैमरे नहीं
मेडिकल कालेज में जहां दवा का स्टोर बना हुआ है। स्टोर के पड़ोस में दवा रखने के लिए दो गोदाम हैं। गोदाम से दवा निकालकर स्टोर में पहुंचायी जाती है। दवा स्टोर और दवा गोदाम के आस-पास कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। साथ ही दवा स्टोर के सामने रास्ता है और लोहे का दरवाजा लगा रहता है। यह रास्ता ट्रामा सेंटर के पीछे निकलता है। अगर मेडिकल कालेज प्रशासन ने दवा स्टोर के आस-पास कैमरे लगाए होते तो कमेटी को जांच में कुछ मिलता।
डूप्लीकेट चाबी बनाने की आशंका
चालक के साथ जो व्यक्ति भागा है वह मेडिकल कालेज का प्राइवेट कर्मचारी है। उसे दवा स्टोर में किसी ने प्राइवेट रूप में रख रखा है। जिस दिन से यह घटना घटी है उस दिन से प्राइवेट कर्मचारी लापता है। सुरक्षा गार्ड ने चालक के साथ भागे व्यक्ति को पहचान लिया था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्राइवेट कर्मचारी ने दवा गोदाम की डूप्लीकेट ताले की चाबी बना ली होगी। गोदाम का ताला खोलकर सर्जिकल सामग्री निकालकर कहीं बेचने के लिए ले जा रहा होगा। इस दौरान वह पकड़ गया। पहले भी कई बार दवा पकड़ी जा चुकी है।
स्टोर कर्मचरियों के होंगे बयान
दवा स्टोर में चीफ फार्मेसिस्ट समेत पांच का स्टाफ है। दवा स्टोर से दवा वितरण काउंटर और वार्डों में दवा का वितरण होता है। जांच कमेटी सभी कर्मचारियों के अलग-अलग बयान लेगी। साथ ही बरामद सर्जिकल सामग्री का रजिस्टर से मिलान कराया जाएगा। पिकअप को सामग्री समेत एक कमरे में बंद कर दिया गया है और बाहर से दरवाजे पर ताला डालकर सील कर दिया गया है। इस घटना से मेडिकल कालेज में हड़कंप मचा हुआ है।
पकड़ी गई पिकअप लखनऊ की है
सुरक्षा गार्ड ने जो पिकअप पकड़ी है, उसका नंबर यूपी 32-एनएन- 0164 है। पिकअप लखनऊ की है। एमजीएस आटो फेब प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ है और मालिक का नाम अमर पांडे निवासी आलमनगर लखनऊ है। गाड़ी का फाइनेंसर श्रीराम ट्रांसपोर्ट लखनऊ है। पिकअप 30 जून 2020 को खरीदी गयी है। जांच कमेटी पिकअप मालिक से पूछताछ के लिए लखनऊ जाएगी।
मेडिकल कालेज की जांच कमेटी अपने स्तर से कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चौक कोतवाली में तहरीर नहीं दी गई है बल्कि पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद थाने में तहरीर दी जाएगी- डा. राजेश कुमार प्राचार्य, मेडिकल कालेज
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