लखनऊ : अकबर नगर प्रथम में कार्रवाई तेज, तोड़े 165 भवन

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Edited By Amrit Vichar
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बंधे और मेन रोड की तरफ से तोड़फोड़ करते हुए अंदर पहुंचे बुलडोजर, एक हिस्से में कार्रवाई तो दूसरे हिस्से में खाली किए गए मकान

अमृत विचार, लखनऊ। कुकरैल नदी के पुनरुद्धार के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुक्रवार को अकबर नगर प्रथम में कार्रवाई तेज कर दी। 27 बुलडोजर लगाकर 165 अवैध निर्माण ध्वस्त किए। दूसरी तरफ आगे की कार्रवाई के लिए मकान खाली कराए गए। इस दौरान गलियों में पुलिस बल तैनात रहा।

शुक्रवार को एलडीए ने अकबर नगर प्रथम में 12 जेसीबी व 15 पोकलेन लगाई। पहले जेसीबी से बंधे व मेन रोड पर बने मकान, दुकान, शोरूम आदि गिराये और अंदर मोहल्ले में जाने का रास्ता बनाया। इसके बाद 15 पोकलेन मलबा से होते हुए गलियों में पहुंची और तेजी से मकान गिराए। कार्रवाई के दौरान लोगों में आक्रोश रहा तो कई मकान टूटता देख निराश हुए। हर दो से तीन मकान में पुलिस कर्मी तैनात किए गए। इस वजह से लोग विरोध नहीं कर पाए। बैरीकेडिंग कर किसी को आने-जाने नहीं दिया। दो शिफ्ट में चली कार्रवाई में कुल 165 भवन तोड़े गए। जबकि गुरुवार को 55 अवैध निर्माण ध्वस्त किए थे।

आगे की कार्रवाई के लिए एलडीए व नगर निगम ने नदी और पीछे की तरफ के मकान खाली कराए। सामान ढोने के लिए 42 लोडर लगाए। दिनभर मकान खाली करने का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने मकानों से सामान के साथ गेट, खिड़की, दरवाजा, लोहे के एंगल, लोहे का जीना, पानी की टंकी आदि सामान खुद तोड़ कर निकाले। मोहल्ले की बिजली काटते हुए केबिल आदि निकाले गए। शाम तक 90 फीसदी क्षेत्र खाली हो गया। उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी व अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने गलियों का भ्रमण किया और अनाउसमेंट कर जल्द खाली करने के चेतावनी दी। उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम और द्वितीय में अब तक 614 अवैध निर्माण तोड़े गए हैं।

महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से भेजा अस्पताल

मकान टूटता देख परिवार खूब रोये। जिसे देख अधिकारी भावुक हो गए। लेकिन, कुछ कर नहीं सकते। मीना नाम की महिला खूब रोई। बताया कि बड़ी मेहनत से मकान बनाया था, जो आंखों के सामने पल भर में धराशाई हो गया। वहीं, दो महिलाओं की मकान टूटने की बारी आने पर तबीयत खराब हो गई। दोनों को उपाध्यक्ष ने फौरन एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।

आरएएफ ने संभाला मोर्चा

अकबर नगर प्रथम में शुक्रवार को फिर से रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ)लगाया गया। यह क्षेत्र संवेदनशील है। पूर्व में लोगों के विरोध को देखते हुए 10 से 12 जून तक दो कंपनी उपलब्ध कराई गई थी। अवधि पूरी होने पर 13 जून को फोर्स हट गई थी। पुलिस-प्रशासन ने शासन से 20 जून तक के लिए दोबारा फोर्स मांगा था।

महिलाएं बोली, नहीं हटेंगे घरों से

ध्वस्तीकरण के दौरान मौजूद उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को महिलाएं व पुरुष घेरते रहे। किसी ने आवास गलत आवंटन तो किसी ने तमाम तरह की परेशानी बताई। उपाध्यक्ष ने समाधान का आश्वासन दिया। वहीं, कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें शहरी आवास नहीं मिले हैं। इधर, घर खाली कराया जा रहा है। ऐसे में कहां जाएंगे और अधिकारी सुन नहीं रहे बल्कि भगा देते हैं। जब बुलडोजर चलेगा तो घर से नहीं निकलेंगे।79

परिवार बसंतकुंज में हुए शिफ्ट

विस्थापितों के लिए लगाए गए एलडीए के शिविर में आवंटन पत्र प्राप्त किए 79 परिवारों को बंसतकुंज योजना के शहरी आवास में शिफ्ट कराया। एलडीए के मुताबिक 1800 विस्थापितों को आवास दिए हैं। अब तक 971 आवासों पर परिवारों ने कब्जा प्राप्त किया। यदि कोई परिवार छूटा है तो उसका पंजीयन कराया जा रहा है।

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