Unnao News: घनघनाते रहे अफसरों के फोन, होता रहा अवैध खनन...रोक के बाद भी खुद गई सैकड़ों डंपर मिट्टी
अधिकारियों की व्यस्तता का फायदा उठा पोकलैंड व जेसीबी से किया गया खनन
उन्नाव, अमृत विचार। डीएम सहित अन्य अधिकारी एक ओर बैठकों में व्यस्त थे। इधर दूसरी ओर खनन माफियाओं ने निरस्तीकरण को भेजी गई फ़ाइल में अवसर देखते ही सैकड़ों डंपर मिट्टी खनन कर डाला। अधिकारियों के पास फोन जाते रहे लेकिन, सेटिंग के आगे सारे दावे व निर्देशों की हवा निकल गई। खनन अधिकारी की लापरवाही से सैकड़ों डंपर मिट्टी खोद डाली गई। इससे साफ होता है कि प्रशासन के आगे खनन माफियाओं का कितना दबदबा है।
तहसील हसनगंज क्षेत्र के गांव भटपुरा में शिवन्या इंटरप्राइजेज के नाम से 15173 घनमीटर खनन करने की परमिशन गांव के दो गाटा संख्या में दी गई थी। लेकिन खनन की अनुमति का फायदा उठाकर खनन माफियाओं ने गांव के दो अलग-अलग खेतों से अवैध खनन क़र सैकड़ों डंपर मिट्टी का खनन किया था। सूचना पर एसडीएम हसनगंज ने फाइल निरस्तीकरण की रिपोर्ट मुख्यालय भिजवाते हुए खनन पर रोक लगा दी थी।
शुक्रवार को खनन माफियाओं को जैसे ही डीएम के बैठक में होने की जानकारी हुई तो सुबह से ही माफियाओं ने खनन शुरू करवा दिया। इधर, डीएम बैठक कर रहे थे उधर खनन माफियाओं ने कम समय में अधिक खनन करने की नियत से पोकलैंड उतार दी। जबकि मिट्टी खनन में पोकलैंड पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अधिकारियों के मीटिंग में व्यस्त होने का फायदा उठाकर अवैध तरीके से जमकर खनन किया गया।
बोले डीएम..
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी करवाता हूं। अगर अवैध खनन हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।
बोले रीजनल अफसर खनन लखनऊ मंडल
लखनऊ मंडल के रीजनल अफसर एसएन पटेल ने बताया कि अवैध खनन के बाद नोटिस का जवाब व जुर्माना के बाद ही खनन दोबारा शुरू हो सकता है। ऐसा हो रहा है तो गलत है। जिला खनन अधिकारी से बात की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लखनऊ से टीम बनाकर इसकी जांच कराएंगे।
बोले तहसीलदार…
तहसीलदार विराग करवरिया ने बताया कि खनन अधिकारी दो तरफ की बातें क़र रहे हैं। उनके मुताबिक खनन विभाग के लिखित देने पर ही हम उन पर कार्रवाई कर सकते हैं।
