लखनऊ: लिखित बयान के आधार पर धनराशि वापसी कराएगा यूपी रेरा

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निर्णय के बाद भी वापस मांगी गयी धनराशि में बदलाव कर रहे शिकायतकर्ता

लखनऊ, अमृत विचार। उप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) शिकायतकर्ता के लिखित बयान के आधार पर धनराशि वापसी कराएगा। प्राधिकरण ने कई मामलों में पाया है कि रेरा पीठ में सुने गए मामलों में निर्णय देने के बाद शिकायतकर्ताओं द्वारा दी गयी धनराशि में बदलाव किया जा रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि स्पष्ट न होने से पीठ से प्राप्त अंतिम आदेश पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है तथा शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब होता है।

इस समस्या के निस्तारण के लिए प्राधिकरण ने शिकायतकर्ता द्वारा मांगी गयी धनराशि तथा पीठ में हुई बहस के अनुसार अंतिम आदेश जारी करने के पहले वाद को बल देने के लिए लिखित बहस प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है। जिसमें शिकायतकर्ता रेरा पीठ के समक्ष याचित अनुतोष लिखित रूप से प्रस्तुत कर सकेगा।

रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि मुख्यालय तथा क्षेत्रीय कार्यालय की पीठों में चल रहे वादों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए शिकायतकर्ताओं से रेरा पीठ के समक्ष याचित अनुतोष का संक्षिप्त और सटीक विवरण रखने के लिए एक लिखित बहस का मानक प्रारूप तैयार कराया है। इस प्रारूप के अनुसार शिकायतकर्ता अपनी प्रॉपर्टी का पूर्ण विवरण अंकित करते हुए एग्रीमेंट फॉर सेल, प्रोमोटर को किए गए भुगतान, शिकायत तथा रेरा पीठ के समक्ष याचित अनुतोष को लिखित रूप में प्रस्तुत करेगा।

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