कन्नौज में बुलडोजर एक्शन, होटल और 17 दुकानें जमींदोज-हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
छिबरामऊ /कन्नौज, अमृत विचार। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर बने होटल व 17 दुकानों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमींदोज कर दिया गया। जिला प्रशासन ने कई थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ बुलडोजर चलवा दिया। इस दौरान बवाल की आशंका से ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी मौजूद रहे और ध्वस्तीकरण से पहले अधिग्रहीत भूमि की पैमाइश भी की गई।
बुधवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल के आदेश पर उप जिलाधिकारी उमाकांत तिवारी, सीओ ओंकारनाथ शर्मा व एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार सिंह राजस्व टीम व भारी भरकम पुलिस फोर्स लेकर शहर के पूर्वी बाईपास पर पहुंचे। राजस्व टीम ने अधिग्रहीत भूमि की पैमाइश की, इसके बाद सीमांकन किया गया। कब्जेदारों को सामान निकालने के लिए एक घंटे की मोहलत दी गई। इसके बाद बाईपास पर बने होटल समेत दुकानों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया। कुछ ही देर में जेसीबी समेत एक पोकलैंड मशीन ने दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लोग मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहे। यातायात अवरुद्ध न हो, इसके लिए पुलिस कर्मी रोड पर ही डटे रहे।
एनएचएआई के पक्ष में हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सहायक अभियंता शिवम कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के चौड़ीकरण की अधिसूचना जारी होने के बाद 2018 में पूर्वी बाईपास पर होटल समेत 17 दुकानों का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें कुछ कब्जेदारों ने मुआवजा भी ले लिया था। इसके बाद सिविल कोर्ट में एनएचएआई के खिलाफ वाद दायर कर दिया। सिविल कोर्ट से राहत नहीं मिली तो ये लोग हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने एनएचएआई के पक्ष में फैसला सुनाया और अधिग्रहीत भूमि को खाली कराने के आदेश दिए। एनएचएआई ने जब डीएम को आदेश की प्रति दी तो उन्होंने एसडीएम को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पांच करोड़ रुपये मुआवजा हुआ था स्वीकृत
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि अधिग्रहीत भूमि के लिए सर्किल रेट व अधिग्रहण कानून के आधार पर भू-अध्याप्ति कार्यालय कानपुर की तरफ से पांच करोड़ रुपये मुआवजा स्वीकृत किया गया था, जिसमें कब्जेदारों को ढाई करोड़ रुपया दिया भी जा चुका है लेकिन ये लोग अधिक मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट में चले गए थे। पूर्वी बाईपास पर ब्लैक स्पॉट होने के कारण यहां हादसे अधिक होते हैं, जिस कारण यहां जंक्शन (गोल चक्कर) बनाया जाना आवश्यक है।
इन कब्जेदारों की तोड़ी गईं दुकानें
कब्जेदार पिता का नाम निवासी
बृजकिशोर दुबे गुरुप्रसाद ग्राम अतिराजपुर
संजीव दुबे गुरुप्रसाद ग्राम अतिराजपुर
ममता दुबे पवन दुबे मोहल्ला इंदिरानगर
मंजूलता अशोक कुमार मोहल्ला इंदिरानगर
मिथलेश रावेंद्र कुमार ग्राम सराय सुंदर
सुमन विनोद कुमार ग्राम सराय सुंदर
अमीरन बेगम नन्हे अली मोहल्ला बिरतिया
आलोक दुबे दुर्गा प्रसाद मोहल्ला बिरतिया
राहुल दुबे दुर्गा प्रसाद मोहल्ला बिरतिया
अवनीश दुबे दुर्गा प्रसाद मोहल्ला बिरतिया
सौरभ मिश्रा रामदास मोहल्ला इंदिरानगर
राहुल मिश्रा रामदास मोहल्ला इंदिरानगर
चंद्रमौलि रामदास मोहल्ला इंदिरानगर
अमित शाक्य दिनेशचंद्र मोहल्ला भैनपुरा
अखिलेश शाक्य दिनेशचंद्र मोहल्ला भैनपुरा
रोहिताश मिश्रा शिवदास ग्राम अतिराजपुर
चंद्रधर मिश्रा शिवदास ग्राम अतिराजपुर
वेदराम शर्मा दयाराम मोहल्ला भैनपुरा
बिना नोटिस कराया गया ध्वस्तीकरण : आलोक
पूर्वी बाईपास स्थित दुर्गा होटल के मालिक आलोक दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने बिना नोटिस दिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी, जिससे उनका काफी सामान दब गया। उनके किरायेदार अंकित पांडेय का भी काफी सामान मलबे में दब गया है। उन्होंने डीएम से बात भी की और दो दिन का समय मांगा, लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी। कोई भी कार्रवाई नियमानुसार नहीं हुई।
कब्जेदारों पर की गई शांतिभंग की कार्रवाई : एसडीएम
उप जिलाधिकारी उमाकांत तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीएम के निर्देश पर अधिग्रहीत भूमि से अतिक्रमण हटवाया गया। जिन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है, वह एडीएम भू-अध्याप्ति कार्यालय कानपुर में स्वामित्व दिखाकर प्राप्त कर लें। छह साल से ये लोग कब्जा नहीं छोड़ रहे थे, इसलिए सभी 18 लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस भी चस्पा किया गया था।
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