मुरादाबाद: डेंगू की गलत रिपोर्ट देने पर दो पैथोलॉजी लैब सील
मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। शहर से लेकर देहात तक संचालित हो रही अवैध पैथोलॉजी लैब लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही हैं, जी हां सामान्य बुखार के व्यक्ति को गलत रिपोर्ट थमाकर उसे डेंगू बता दिया गया, जिसके चलते वह डेंगू का इलाज कराता रहा, दोबारा जांच में सामान्य बुखार आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम …
मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। शहर से लेकर देहात तक संचालित हो रही अवैध पैथोलॉजी लैब लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही हैं, जी हां सामान्य बुखार के व्यक्ति को गलत रिपोर्ट थमाकर उसे डेंगू बता दिया गया, जिसके चलते वह डेंगू का इलाज कराता रहा, दोबारा जांच में सामान्य बुखार आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया। जबकि कई को नोटिस जारी किए गए हैं।
खेरखाता गांव के लोगों को आ रहे बुखार की गुत्थी सुलझाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। अब तक की जांच में स्वास्थ्य विभाग की टीम के हाथ जो साक्ष्य लगे हैं, वह पैथोलॉजी लैब की ओर से की गई गड़बड़ी के हैं। क्योंकि पैथोलॉजी लैब की ओर से सामान्य बुखार से पीड़ित व्यक्ति की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजीटिव दर्शाया गया है। जिसके बाद उसने डेंगू की ही दवाओं का सेवन किया। ऐसे में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भगतपुर क्षेत्र में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान नूर पैथोलॉजी लैब करनपुर की ओर से जारी डेंगू की रिपोर्ट की जांच की गई। जिसमें वह रिपोर्ट सामान्य बुखार की थी। जबकि नूरी पैथोलॉजी लैब गोविंदपुर बिना पंजीकरण संचालित होते पाया गया। दोनों लैबों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया। इसके साथ ही सभी जांच रिर्पोटों को जब्त कर लिया गया है। जिनका संबंधित जांचकर्ताओं की पुन: जांच कर मिलान किया जाएगा। जिससे स्पष्ट हो सकेगा कि उन्हें सामान्य बुखार है या फिर डेंगू।
कई पर लटके ताले तो कई चल रहे थे एलटी के भरोसे
भगतपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी शुरू हुई तो कई लैब संचालक ताला लगाकर रफ्फूचक्कर हो गए। जबकि कई लैब केवल लैब टैक्नीशियन के भरोसे संचालित होती पाई गई। इस पर टीम ने सूची बनाकर ऐसे लैब संचालकों को नोटिस जारी किया है।
एमसी गर्ग, सीएमओ ने बताया कि लोगों से अपील है कि यदि किसी को बुखार है तो वह सीधे सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं और उपचार करवाएं। प्राइवेट लैब से जांच कराने पर रिपोर्ट गलत दी जा रही है। जिससे लोग जांच रिपोर्ट के अनुसार ही अपना उपचार करा रहे हैं। अवैध लैबों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
