प्रयागराज: अब जेल से भागने के लिए 100 बार सोचेंगे कैदी, आधुनिक कैमरों से लैश होगी जेल
टॉवरों पर बढ़ाई गई चौकसी, मुख्यालय में प्रस्ताव भेजनें की तैयारी
मिथलेश त्रिपाठी/प्रयागराज, अमृत विचार। केंद्रीय कारागार नैनी से आठ दिन पहले बाहर बाग कमान (कृषि कार्य) से सजायाफ्ता कैदी कालीचरण के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने बड़ा सबक लिया है। इस घटना के बाद से जेल प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। बंदियों का भागना तो दूर अब जेल के अंदर अपने हर कदम को वह सोच कर रखेंगे। जेल में बनाये गये गोपनीय प्लान के बाद अब कैदी जेल से भागने में सौ बार सोचेंगे।
मालूम हो कि नैनी सेंट्रल जेल से बीते 20 जुलाई को सर्किल नंबर दो में गैंगरेप के मामले में बंद सजायाफ्ता कैदी कालीचरण बाहर बाग कमान के 4 नंबर टॉवर के पास महिला बैरक की दीवार को फांद कर भाग गया था। जिसके आठ दिन बीतने के बाद प्रयागराज पुलिस, महोबा पुलिस और एसओजी सिर्फ खाक छान रही है। आठ दिन बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं मिला है।
कैदी का फरार होना जेल प्रशासन के लिए गले में फांस की तरह बना हुआ है। हलांकि कैदी के भागने के बाद जेल प्रशासन ने एक बड़ा सबक ले लिए है। इस घटना के बाद से जेल में एक गोपनीय प्लान तैयार किया है। जिस प्लान में अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर शामिल है। इस प्लान की भनक किसी वॉर्डर को भी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इस प्लान के बनने के बाद अब बंदी को जेल से भागना तो दूर उसके हर कदम और ताल की भनक जेल प्रशासन को होगी।
आधुनिक कैमरों को लगाने की तैयारी
जेल के अंदर जो भी कैमरे लगाए गये है। उनके अलावा अब कुछ आधुनिक कैमरे बाहर और बाग कमान में लगाए जाएंगे। जिससे बंदियों और वॉर्डरों की हर करतूतों की जानकारी जेल प्रशासन को मिल सके। टॉवरों पर जो सिक्योर्रिटी तैनात की जाती रही है, उसके अलावा भी वॉर्डरों को लगाया जायेगा। इतना ही नहीं बाग कमान में किसी नए बंदियों को नहीं भेजा जायेगा।
मुख्यालय प्रस्ताव भेजनें की तैयारी
जेल से बंदी के भागने के बाद अब जेल को आधुनिक बनाने के लिए कुछ नई तकनीकी व्यवस्थाओं को पूरा करने की तैयारी है। कुछ दिन पहले निरीक्षण में आये डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री ने व्यवस्थाओं के लिए प्रस्ताव मांगा था, जिसको देखते हुए जेल प्रशासन ने प्रस्ताव भेजनें की तैयारी कर ली है। जेल में आधुनिक कैमरे, पीएसी बल, पुलिसिंग व्यवस्था के साथ कुछ अन्य गोपनीय व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए सूची तौयार कराना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही नैनी सेंट्रल जेल आधुनिक यंत्रों से लैश होगी।
जेल में कमान के 21 बंदियों में 16 से पुलिस ने की पूछताछ, बयान दर्ज
प्रयागराज। सेंट्रल जेल में बंद गैंगरेप के मामले में फरार हुए सजायाफ्ता कैदी कालीचरण उर्फ बऊवा के भागने के मामले में रविवार को नैनी पुलिस ने कमान पर गये 21 बंदियों में 16 बंदियों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया गया। उन 16 बंदियों ने कालीचरण के भागने को लेकर कुछ गोपनीय बयान दिये है। जिसके आधार पर बंदी की तलाश और जांच की जा रही है।
कमान में डिप्टी जेलर करेंगे गश्त
जेल से कमान पर बंदियों को भेजनें के पहले अब एक जेलर, चार डिप्टी जेलर, दो महिला जेलर समेंत अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। बंदियों को कमान पर ले जाने और उन पर कड़ी निगरानी करना इन अधिकारियों के जिम्मे होगा। इसके आलावा कमान में तैनात किये गए डिप्टी जेलर गश्त भी करेंगे। इसके पहले जेलर पूरे प्वाइंट को चेक भी करेंगे।
कमान पर भेजे जाने वाले वॉर्डरों की भी संख्या बढ़ाई गई है। सभी सर्किलों से मिलाकर कुल 22 से 24 बंदियों पर एक हेड वॉर्डर और तीन वॉर्डर की जिम्मेदारी होती थी। लेकिन बंदी के भागने के बाद अब सात अधिकारियों और दो अन्य जेल कर्मियो की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। कमान गेट पर वापसी तक दो महिला जेलरों की ड्यूटी रहेगी। इस दौरान कोई बंदी भागता है तो उसकी जिम्म्मेदारी जेलर और डिप्टी जेलर की होगी।
जेल से कैदी के भागने के बाद जेल को आधुनिक यंत्रों से लैश करने के लिए तैयारी की जा रही है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भी भेजनें की तैयारी की जा रही है। कमान पर जो बंदी गए थे उनमें से 16 बंदियों से नैनी पुलिस ने पूछताछ कर बयान लिया है। इसके साथ ही अब जेल में बंदियों को कमान पर भेजने से पहले जेलर और डिप्टी जेलरों जा ड्यूटी लगाने की सूची भी तैयार की गयी है। जिससे वह लगातार बंदियों पर निगरानी कर सके और दोबारा घटना न हो सके-वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी सेंट्रल जेल, प्रयागराज
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