अयोध्या: मेडिकल कॉलेज में छात्र और कर्मचारी भिड़े, बवाल के बाद पीएसी तैनात
एमबीबीएस की दो छात्राओं के पर्चा काउंटर में बंद होने के बाद भड़का आक्रोश, हुई मारपीट व तोड़फोड़, सीओ से भी अभद्रता
अयोध्या, अमृत विचार। दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज सोमवार को अखाड़े में तब्दील हो गया। पुराने भवन स्थित पर्चा काउंटर पर विद्यार्थी व कर्मचारी भिड़ गए। डेढ़ घंटे तक चले बवाल के बीच जमकर मारपीट व तोड़फोड़ हुई। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की हुई है। अयोध्या सीओ के साथ भी अभद्रता हुई। एमबीबीएस दो छात्राओं ने पर्चा काउंटर में बंद करने की तहरीर दी है। वहीं, कर्मचारी पक्ष ने भी छात्र व चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद के बाद परिसर में पीएसी तैनात कर दी गई।
मेडिकल कॉलेज में दोपहर 12 बजे के करीब पर्चा काउंटर पर तेज आवाज में बहस शुरू हो गई। इमरजेंसी के प्रभारी डॉ. विनोद आर्या ने बताया कि 2020 बैच की एमबीबीएस की दो छात्राएं पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए पहुंची थीं। दोनों छात्राएं अंदर पहुंच गईं। आरोप लगा है कि कर्मचारियों ने दरवाजा बंद कर लिया। छात्राओं ने अपने बैच के सभी साथियों को फोन व वाट्सएप से इसकी जानकारी दी। मौके पर करीब 70 छात्र पहुंच गए। बहस के बीच बीच नौबत मारपीट की आ गई।
इस दौरान सुपरवाइजर अनुराग सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। कर्मचारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की शर्ट फट गई। पुलिस बीच बचाव में आई तो धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी से भी अभद्रता की गई। किसी तरह से मामले को शांत कराया गया। अयोध्या कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि छात्रा निर्मला ने दी तहरीर में आरोप लगाया है कि एक कर्मचारी ने मुझे व मेरी साथी को अंदर बंद कर लिया था। छात्रा का ये भी आरोप है कि एक हफ्ते पहले भी उसके साथ भी बदतमीजी हुई थी।
प्रिंसिपल के सामने पिटे कर्मचारी, पुलिस से धक्का-मुक्की
पर्चा काउंटर हुई नोकझोंक के बाद कर्मचारियों का भी दर्द छलका है। सभी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने साफ मना किया है कि किसी को भी पर्चा काउंटर के अंदर न जाने दिया जाए। चाहे वह स्टाफ का ही क्यों न हो। इसके बावजूद छात्राएं अंदर चली आईं और तू-तड़ाक करने लगीं। जब यह कहा गया कि मैडम आप बाहर चली जाइये तो उनके द्वारा अभद्रता की गई। इस बीच कोई और मरीज भी अंदर न आ जाए। इसलिए कर्मचारी ने दरवाजा बंद किया था, जिस पर नाराज होकर छात्राओं ने साथियों को बुला लिया। इसके बाद प्रिंसिपल के सामने कर्मचारी पीटे गए। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। डॉ. विनोद आर्या को भी नहीं बख्शा गया, लेकिन फिर भी कर्मचारियों का साथ नहीं दिया जा रहा है।
पर्चे बनाना बंद, मरीजों में अफरा-तफरी, ओपीडी में सन्नाटा
घटना होते ही पर्चा काउंटर बंद हो गए। मरीजों में भी दहशत का माहौल दिखा। सब इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान भूतल पर चलने वाली ओपीडी भी लगभग बंद नजर आईं। हो-हल्ला व गुहार सुनकर ओपीडी से चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। मामला दोपहर एक बजे के करीब शांत हुआ तो पर्चा काउंटर बंद कर दिया गया। विवाद और न बढ़े इसलिए सभी तरह के दरवाजे बंद कर दिए गए।
उग्र छात्रों ने घेरा परिसर, कर्मियों की सुरक्षा में जुटी पुलिस
घटना के बाद परिसर में हर तरफ पुलिस ही दिखी। उग्र छात्र हर तरफ ग्रुप में बंटे हुए दिखाई पड़े। कर्मचारी भी एकत्र हो गए थे। मामला बिगड़ता देख पीएसी की तैनाती कर दी गई। पर्चा काउंटर कक्ष के अंदर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एक दरोगा समेत अन्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
पुलिस सुरक्षा में भेजी गईं दोनों छात्राएं
कोतवाल मनोज शर्मा ने दोनों छात्राओं को हिदायत दी है कि वह कभी भी परिसर में इधर-उधर घूमती न दिखाई पड़े। नहीं अगली बार उन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सहमी छात्राओं को हॉस्टल छोड़ने के लिए पुलिस खुद उनके साथ गई।
मेडिकल कॉलेज पहले जैसा नहीं रहा
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के सभी वरिष्ठ चिकित्सक समूहों में इधर-उधर चर्चा करते हुए दिखाई पड़े। सभी ने घटना की निंदा की। उनका कहना था छात्रों का इस तरह से उग्र होना गलत है। अब मेडिकल कॉलेज पहले जैसा नहीं रह गया है।
मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। इसके साथ ही बाजपेई ट्रेडर को संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने के लिए निर्देशित किया गया है-डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्रिंसिपल
दोनों पक्षों की तहरीर मिली है। सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी-आशुतोष तिवारी, सीओ, अयोध्या
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