बरेली: रुविवि की कुलसचिव की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव, 52 नए संक्रमित

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना के नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार एडीजी के स्टाफ ऑफिसर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय और उनके पति आरके पांडेय की रिपोर्ट एक बार फिर पॉजिटिव आई है। …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना के नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार एडीजी के स्टाफ ऑफिसर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय और उनके पति आरके पांडेय की रिपोर्ट एक बार फिर पॉजिटिव आई है।

इसके अलावा शिव शक्ति स्टेट कालोनी में एक ही परिवार के पांच लोगों में, सैनिक कालोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों में और आशीष रॉयल पार्क कालोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले है। वहीं, जिले में कोई मौत न होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के अनुसार, मंगलवार को 2853 सैंपलों की रिपोर्ट आई, जिसमें आईवीआरआई से हुई जांच में छह लोगों में संक्रमण की पुष्टि है। वहीं, एंटीजन व ट्रूनॉट से जांच में 31 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शेष संक्रमित निजी लैब से निकले हैं। जबकि कुल 52 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

इन इलाकों में मिले संक्रमित
बिहारीपुर, शिव शक्ति स्टेट कालोनी, लेबर कालोनी, आलोक नगर, चौपुला, इज्जतनगर, रोड नंबर एक, रामपुर गार्डन, सिविल लाइंस, परसाखेड़ा, सुभाष नगर, राजेन्द्र नगर, जनकपुरी, पीलीभीत बाईपास, एडीएम आवास, श्रीनगर कालोनी, जोगी नवादा, आलमगिरीगंज, सैनिक कालोनी के तीन, नई बस्ती, परगवां, दुरीकेश, मीरगंज, आशीष रॉयल पार्क के तीन, बभिया, चनेहटी, भोजीपुरा, मोहनपुरा, कलीलपुर, वीर सावरकर नगर, शेरगढ़ में संक्रमित निकले हैं।

पहचान छुपाने को गलत नंबर दे रहे कोरोना जांच कराने आए लोग
कोरोना संक्रमण की जांच कराने वाले लोग पहचान छिपाने के लिए गलत मोबाइल नंबर का सहारा ले रहे हैं। एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उसका मोबाइल नंबर देखा गया तो पता चला कि वह फर्जी नंबर है। जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि उस फर्जी नंबर पर जिले में 164 रजिस्ट्रेशन हैं। इसी तरह एक संख्या वाले कुछ अन्य नंबरों पर बीस से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं। बीते दिनों मीरगंज निवासी सुरेंद्र नाम का एक युवक अपनी जांच कराकर घर चला गया। उसने अपने पते में मीरगंज और एक ही डिजीट के दस नंबरों को मोबाइल नंबर के कॉलम में लिखवाया। उसकी रिपोर्ट जब पॉजिटिव आई तो उसकी तलाश शुरू की गई। इसके लिए मोबाइल नंबर लगाया गया तो वह बंद बता रहा था।

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