बरेली: स्नातक के परिणाम जारी, परास्नातक में प्रवेश की तैयारी
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय 16 अक्टूबर के बाद से मुख्य परीक्षाओं का परिणाम जारी कर रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय ने बीए द्वितीय, बीए अंतिम और बीएससी द्वितीय वर्ष का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया। इन तीनों कक्षाओं में करीब दो लाख छात्र पंजीकृत थे। परिणाम जारी होने के …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय 16 अक्टूबर के बाद से मुख्य परीक्षाओं का परिणाम जारी कर रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय ने बीए द्वितीय, बीए अंतिम और बीएससी द्वितीय वर्ष का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया। इन तीनों कक्षाओं में करीब दो लाख छात्र पंजीकृत थे। परिणाम जारी होने के बाद छात्र परास्नातक में प्रवेश लेने की तैयारी में जुट गए हैं।
परास्तानक में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है और इसे कई बार बढ़ाया भी जा चुका है। विश्वविद्यालय ने 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाकर 28 अक्टूबर तक कर दी थी। अब तक करीब 30500 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
परिणाम को रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। छात्र वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इससे पहले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 16 अक्टूबर को बीकॉम फाइनल और 17 अक्टूबर को बीएससी फाइनल ईयर का परिणाम घोषित किया था।
अब बीए फाइनल ईयर का रिजल्ट आने के बाद स्नातक से जुड़े लगभग सभी कक्षाओं का परिणाम घोषित हो गया है। सबसे ज्यादा छात्र बीए में ही शामिल होते हैं। बीए अंतिम वर्ष का परिणाम जारी होने के बाद अब विश्वविद्यालयों से जुड़े लगभग सभी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्रों का आना शुरू हो जाएगा। सबसे ज्यादा छात्र बरेली कॉलेज में पहुंचेंगे।
बता दें कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 25 फरवरी से स्नातक की परीक्षाएं शुरू करायी थीं। अधिकांश परीक्षाएं हो गई थीं लेकिन कोरोना की वजह से कई परीक्षाएं रह गई थीं, उसके बाद परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं। केंद्र सरकार ने प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में नियम के तहत प्रमोट करने के दिशानिर्देश जारी किए थे।
इसके अलावा बचे हुए विषयों की परीक्षाएं आयोजित करायी गई थीं। जिसके बाद से अब परिणाम घोषित किए गए हैं। छात्रों के अगली कक्षा में प्रमोट न होने और परिणाम न आने के चलते कई महाविद्यालयों में अगली कक्षा की पढ़ाई भी शुरू नहीं हो सकी थी लेकिन अब महाविद्यालयों में आगे की पढ़ाई की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।
