मुरादाबाद मेडिकल स्टोर व क्लीनिकों पर औचक छापेमारी करें, न हो प्रतिबंधित दवा की बिक्री...DM ने दिए निर्देश
समय सीमा में राजस्व वादों का निस्तारण कर बढ़ाएं वसूली, कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व व विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि मेडिकल स्टोरों व क्लीनिकों पर औषधि निरीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से छापेमारी करें। सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री किसी भी हालत में न होने पाए। अधिकृत चिकित्सकों से ही लोग इलाज कराएं।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अनुज सिंह ने राजस्व एवं विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में की। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन, गन्ना मूल्य भुगतान, डूडा, राजस्व वसूली, आईजीआरएस, किसान सम्मान निधि, बीज डीबीटी, दुग्ध विकास, पेंशन योजना आदि की समीक्षा की। जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स और क्लीनिकों पर औषधि निरीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर औचक छापेमारी करने और प्रतिबंधित सूची की दवाओं की बिक्री न करना सुनिश्चित कराने के लिए कहा। क्लीनिकों पर भी अधिकृत चिकित्सकों के द्वारा ही मरीजों को इलाज मिले इसका निर्देश दिया।
जिला गन्ना अधिकारी से कहा कि गन्ना किसानों के लंबित मूल्य भुगतान को लेकर सख्ती बरतें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जिले में 95 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। पीओ डूडा को लंबित आवासों के निर्माण में अगले 14 दिनों में प्रगति करने का निर्देश दिया। राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि मुकदमों के निस्तारण तय समय सीमा में होने चाहिए, इसके लिए एसडीएम गंभीरता दिखाएं। कहा कि तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों को लंबित न रखा जाए। आरसी वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता से टेलीफोन से बात करें, गंभीर प्रकृति की शिकायतों और समस्याओं का मौके पर जाकर समाधान करें। जिले में गठित दुग्ध समितियों को सक्रिय करने और टेट्रा पैक को शुरू कराने के लिए दुग्ध विकास अधिकारी को निर्देश दिया। नहरों का पानी टेल तक पहुंचने की जानकारी लेकर जिलाधिकारी ने वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित यादव, सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन गुलाब चंद्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अधिक बच्चे वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का कराएं कायाकल्प
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की संख्या अधिक है उनका प्राथमिकता के आधार पर कायाकल्प कराएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी और डीपीआरओ इसमें तत्परता दिखाएं। जिलाधिकारी ने बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की सुरक्षा में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि जर्जर विद्यालय भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर जरूरी सुरक्षात्मक कार्य तत्काल प्रभाव से कराए जाएं। जिले में स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में अध्यापकों की तैनाती, विद्यालय भवन की स्थिति, लाइब्रेरी सुविधा सहित अन्य जरूरी संसाधनों को सुनिश्चित कराने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।
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