लखनऊ: यूपीपीसीएल की कार्रवाई के बाद मध्यांचल निगम भी आया हरकत में

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अमित सिंह, लखनऊ। बिजली चोरी करने और कराने वालों पर पॉवर कार्पोरेशन के बाद मध्यांचल निगम भी कार्रवाई करने की मूड में है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मध्यांचल निगम ने लगभग सूची तैयार कर ली है। इन सूचियों के आधार पर धीरे-धीरे विजिलेंस के सहयोग से छापेमारी की जाएगी। इस छापेमारी को पूरी …

अमित सिंह, लखनऊ। बिजली चोरी करने और कराने वालों पर पॉवर कार्पोरेशन के बाद मध्यांचल निगम भी कार्रवाई करने की मूड में है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मध्यांचल निगम ने लगभग सूची तैयार कर ली है। इन सूचियों के आधार पर धीरे-धीरे विजिलेंस के सहयोग से छापेमारी की जाएगी। इस छापेमारी को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। इस दौरान स्थानीय और संबंधित अभियंताओं को इसकी भनक तक नहीं लगने दी जाएगी।

हालांकि तैयार की गई सूची को मध्यांचल निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार ने मीडिया से साझा करने की बात से इंकार कर दिया। उन्होंने इशारे—इशारों में तैयार की गई सूचियों पर कार्रवाई करने के संकेत दे दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चोरी करने और कराने वालों को किसी भी से बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई होगी और कड़ी कार्रवाई होगी।

इन जगहों पर होगी छापेमारी
मध्यांचल के 19 जिलों के बरेली, रायबरेली, फैजाबाद, हरदोई, उन्राव और लेसा के दोनों सीस और ट्रांस गोमती क्षेत्रों में जहां बिजली चोरी करने और कराए जाने की ज्यादा संभावना है उन सभी जगहों पर प्राथमिकता से छापेमारी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक लेसा के मुंशीपुलिया, नादरगंज, चिनहट, गहरू, गोमती नगर के एक हिस्से में, बीकेटी, ऐशबाग, चौक, हुसैनगंज, सहित कई और जगहों की बिजली चोरी करने और कराए जाने की सूची तैयार की गई है। इन सभी जगहों पर दीपावली तक या उसके बाद छापेमारी की जा सकती है।

दागियों पर भी नजर
मध्यांचल द्वारा दागी अभियंताओं पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उनके इलाकों पर भी खुफिया नजरे रखी जा रही हैं। निगम के अधिकारियों को अंदेशा है कि ये दागी अभियंता या कर्मचारी अपने हितों के लिए बड़े स्तर पर बिजली चोरी करा सकते हैं। इसलिए संबंधित इलाकों की हाई लॉस फीडर और बिजली चोरी की सूची तैयार करवाई जा रही है।

निर्बाध कराई जा रही है चोरी
डालीबाग स्थित मंत्री बहुखंडी आवास के सामने बसी झुग्गियों में एक बल्ब – पंखा कटिया से चलाने पर पांच से हजार रुपये महीने का शुल्क। दुबग्गा सब्जी मंडी में आढ़त पर बिजली कनेक्शन के लिए पांच-पांच सौ महीना। अमीनाबाद पटरी दुकान पर दो हेलोजन के लिए सौ रुपये रोज। जी हां, राजधानी में खुलेआम इसी तरह से बिजली की चोरी कराई जा रही है। अमीनाबाद ,निशातगंज, चारबाग, रिंग रोड से लेकर वीआईपी इलाकों तक में बिजली चोरी का सुनियोजित खेल रोज होता है।

लिहाजा राजधानी में प्रतिदिन कुल खपत का बीस फीसद बिजली चोरी हो रही है लेकिन मुस्तैद अभियंता केवल उपभोक्ताओं को चोर साबित करने की कवायद में लगे हैं। पटरी दुकानों पर लगने वाली कटिया का पैसा जमा करने का काम बिजली विभाग के संविदा कर्मी ही कर रहे हैं। जबकि अभियंता आंख मूंद कर घर जाते हैं। ट्रांसफार्मर पर मीटर लगने तथा नियमित रीडिंग से इस पूरी चोरी का खेल खुल सकता है, लिहाजा अभियंताओं ने बड़ी सहजता से मीटर गायब करा दिए।

खुलेआम चोरी, जबरदस्त वसूली
अमीनाबाद, चौक, सुभाष मार्ग, चारबाग, वजीरगंज, विक्टोरिया स्ट्रीट, मुंशीपुलिया में इस तरह के तमाम कांप्लेक्स हैं, जहां पर बहुमंजिला भवनों को दो-तीन किलोवाट के लोड पर चलाया जा रहा है। इन निर्माणों में कनेक्शन कैसे दिए गए, इस पर अभियंता चुप्पी साध लेते हैं। यही नहीं, कई इलाकों में तो एक ही परिसर में बीस से चालीस किलोवाट तक लोड कई कनेक्शन के तौर पर जारी किया गया है। इसके लिए जमकर वसूली की जा रही है। इतना जरूर है कि कोई घर के लिए पांच किलोवाट का कनेक्शन मांगता है या फिर दुकान के लिए एक किलोवाट का तो उसे विद्युत सुरक्षा निदेशालय तक से एनओसी लाने की सलाह जरूर दे दी जाती है।

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