मुरादाबाद: बचपन से निभाई दोस्ती, मौत भी मिली एक साथ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। सचिन और अविनाश दोनों बचपन के दोस्त थे, हम उम्र होने के नाते दोस्ती इतनी गहरी थी कि अधिकतर वक्त एक साथ गुजरता था। दोनों के पिता भी गहरे दोस्त थे, हालांकि सचिन के पिता की मौत के बाद उनके याराने का महकमे में अक्सर जिक्र होता रहता है। अपने पिता की तरह …

मुरादाबाद,अमृत विचार। सचिन और अविनाश दोनों बचपन के दोस्त थे, हम उम्र होने के नाते दोस्ती इतनी गहरी थी कि अधिकतर वक्त एक साथ गुजरता था। दोनों के पिता भी गहरे दोस्त थे, हालांकि सचिन के पिता की मौत के बाद उनके याराने का महकमे में अक्सर जिक्र होता रहता है। अपने पिता की तरह सचिन और अविनाश भी हर सुख-दुख में एक-दूसरे के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते थे।

बुधवार की देर रात जब मौत ने झपट्टा मारा तो दोनों ने साथ में दम तोड़ दिया। उनकी मौत की सूचना पर जब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

सचिन कुमार के पिता पालेराम व अविनाश कुमार सिंह के पिता लाल बहादुर सिंह दोनों रोडवेज विभाग में कार्यरत थे। उनके बीच भी गहरी दोस्ती थी। जिस कारण दोनों के पारिवारिक संबंध थे। यही वजह रही कि बचपन से ही सचिन और अविनाश में गहरा लगाव था। दोनों अक्सर साथ ही रहते थे।

पिता की मौत के बाद लग गई नौकरी
बताते हैं कि करीब 11 साल पहले सचिन के पिता की मौत हो गई। जिस पर उसे पिता की जगह रोडवेज विभाग में नौकरी मिल गई, जबकि अविनाश अभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसके बाद भी दोनों की दोस्ती बरकरार रही। इतना ही नहीं अविनाश मुरादाबाद में सचिन के घर ही रहकर पढ़ाई करने लगा। कुछ समय पहले एक हादसे में अविनाश के पिता भी चोटिल हो गए। जिस कारण उनको कार्यालय आने-जाने में परेशानी होने लगी। पिता के काम के लिए अविनाश को भी अक्सर कार्यालय जाना पड़ता था। बताते हैं कि अविनाश जब कार्यालय जाता था तो वहां पर भी वह सचिन के साथ बैठता था। बुधवार को भी दोनों एक साथ कार्यालय गए थे और देर रात निकले।

संबंधित समाचार