अयोध्या: GS Law College के प्रबंधकीय विवाद में धोखाधड़ी का केस दर्ज, जानें मामला

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कूटरचित प्रपत्र के सहारे कालेज समिति में बदलाव करना पड़ा महंगा

मिल्कीपुर/अयोध्या, अमृत विचार। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के गंडई में संचालित जीएस कॉलेज आफ लॉ में प्रबंधकीय विवाद के चलते बीकापुर कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज हुई है। प्रबंधकीय विवाद में आए नए मोड़ से मामले में गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप मच गया है। यही नहीं इसके पहले लॉ कॉलेज खरीदने का दावा करने वाले दो सरकारी अफसरों पर गाज गिर चुकी है। नौकरी के भरोसे अकूत संपत्ति डकारने वाले दोनों अहलकारों को निलंबित किया जा चुका है।

मिल्कीपुर तहसील अंतर्गत इनायतनगर थाना क्षेत्र के अछोरा निवासी अनुरुद्ध कुमार तिवारी की तहरीर पर राजेंद्र यादव उर्फ राजन यादव निवासी मधुपुर मीरापुर केवल, जौनपुर, सजीव कुमार गुप्ता निवासी मयूर विहार दिल्ली, अनुज गुप्ता निवासी मयूर विहार फेज 3, दिल्ली के विरुद्ध  419, 420, 467, 468, 471 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। आरोप है कि इन लोगों द्वारा उनके विरुद्ध सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचकर कॉलेज के प्रबंधक पद एवं ट्रस्ट के संस्थापक सचिव पद से हटा दिया गया।

जालसाजी करके गोपनीय तरीके से बिना किसी सूचना एवं कार्यवाही के कूटरचित प्रपत्रों के जरिये 8 जनवरी 2024 को विश्ववि‌द्यालय से मिलीभगत करके कॉलेज की प्रबंध समिति में परिवर्तन करा दिया। जबकि कॉलेज की पूर्व में जारी प्रबंध समिति जुलाई 2027 तक विधिमान्य है। इसके बावजूद उनको प्रबंधक पद से हटाकर कॉलेज से पूर्व में हटाये गए कर्मचारी राजेन्द्र यादव को प्रबंधक बना दिया गया है।

बिना किसी सूचना एवं कार्यवाही के कॉलेज से प्रबंधक को हटाना एवं कॉलेज की ट्रस्ट से संस्थापक सचिव सहित एक साथ आठ सदस्यों को हटाना, बार बार ट्रस्ट में परिवर्तन कराना  गैरकानूनी एवं विधि विरुद्ध है। बीकापुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक लालचंद सरोज ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना की जा रही है।

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