बरेली: फलक के नजारों जमीं की बहारों, हुजूर आ गए हैं…

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शुक्रवार को कोहाड़ापीर से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते जिला प्रशासन ने सीमित संख्या की लोगों की मौजूदगी में कार और बाइक से जुलूस निकालने की अनुमति दी थी। शाम 5 बजे आला हजरत दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान …

बरेली, अमृत विचार। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शुक्रवार को कोहाड़ापीर से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते जिला प्रशासन ने सीमित संख्या की लोगों की मौजूदगी में कार और बाइक से जुलूस निकालने की अनुमति दी थी। शाम 5 बजे आला हजरत दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) ने परचम सौंपा।

जुलूस अपने परम्परागत रास्तों से होता हुआ दरगाह आला हजरत पर समाप्त हुआ। जुलूस में नबी के दीवाने पैगंबर-ए-इस्लाम की यौमे विलायत की खुशी में नारे लगाकर आगे बढ़ रहे थे। सुरक्षा और ज्यादा भीड़ जमा न हो, इसके लिए भारी पुलिस फोर्स को कोहाड़ापीर से लेकर दरगाह आला हजरत तक तैनात कर दिया था।

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शुक्रवार को मुख्य जुलूस कोहाड़ापीर से अंजुमन खुद्दामे रसूल की तरफ से निकाला गया। दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) का अंजुमन खुद्दामे रसूल के शान रजा, कासिम कश्मीरी, आरिफ उल्लाह, कैफी उल्लाह ने दस्तारबंदी कर इस्तकबाल किया। शाम को करीब साढ़े 5 बजे सुब्हानी मियां ने सय्यद शबाब अली को परचम सौंपकर जुलूस को रवाना किया। जुलूस में लोग सरकार की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा के नारे लगाते चल रहे थे।

जुलूस कोहाड़ापीर से शुरू होकर कुतुबखाना, जिला अस्पताल, कोतवाली, नॉवल्टी के रास्ते इस्लामिया स्कूल, करोलान, बिहारीपुर होते हुए दरगाह आला हजरत पर समाप्त हुआ। इससे पहले यहां तिलावत ए कुरान से महफिल का आगाज किया। इसके बाद मुफ्ती सलीम नूरी व मुफ्ती अय्यूब खान ने तकरीर में पैगंम्बर आजम को खिराज पेश किया। मौलाना सुबुर रजा ने कहा कि हमारे नबी मुसलमानों के लिए रहमत बनाकर नहीं बल्कि आलमे इंसानियत के लिये रहमत बनाकर भेजे गए।

इस मौके पर हाजी जावेद खान, शान रजा, नासिर कुरैशी, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, अजमल नूरी, औरंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी, सय्यद माजिद अली, तारिक सईद, हाजी अबरार खान, सय्यद मुदस्सिर अली, इशरत नूरी, अफरोज मियां समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

‘बेटियां अल्लाह की रहमत, उन्हें कोख में मारने का गुनाह न करें’
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शुक्रवार को दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) के घर एक महफिल का आयोजन किया गया। जिसमें सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने बेटी बचाने का संदेश देते हुए कहा कि ईद मिलादुन्नबी ईदों की ईद है। अगर पैगम्बर-ए-इस्लाम इस दुनिया मे तशरीफ न लाते तो ईद उल फितर और ईद उल अजहा का वजूद भी न होता। नबी आज से 1400 साल पहले अरब की सरजमीं पर उस समय आए जब बेटियों को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाता था। लोग बेटियों को बुरा मानते थे मगर आज भी लोग बेटियों को मां की कोख में मारकर गुनाह कर रहे हैं। उस समय पैगबर ए इस्लाम ने लोगों से कहा कि जो लोग इस दुनिया में बच्चियों को खुशी-खुशी तालीम देंगे, मैं उसे जन्नत में लेकर जाऊंगा।

ईद मिलादुन्नबी पर आरएसी ने बांटे कंबल
ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर ख्वाजा कुतुब स्थित मुख्यालय पर जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े बांटे। आरएसी के नायब सदर मौलाना अदनान रजा कादरी ने सदारत करते हुए कहा कि इस्लाम हमेशा जरूरतमंदों मजलूमों बेसहारा लोगों की मदद करने की सीख देता है। यही वजह है कि आरएसी हर साल ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जरूरतमंदों को अपने साथ खुशियों में शामिल करती है। अदनान मियां ने सभी लोगों को जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।

पौधरोपण कर पैगंबर ए इस्लाम को पेश की खिराजे अकीदत
पैगंबर ए इस्लाम की विलादत की खुशी में अहले सुन्नत रिसर्च सेंटर व आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के बरेली यूनिट के पदाधिकारियों ने पौधरोपण किया। मौलाना मुफ्ती साजिद हसनी कादरी व मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी इमाम मदीना मस्जिद पूरनपुर के संरक्षण में खुशबू एनक्लेव व फाईक एनक्लेव में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर 12 पौधे रोपे। इस मौके पर मौलाना मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने खास तौर से मुसलमानों से अपील की कि हर शख्स ईद मिलादुन्नबी की खुशी में 12 पौधे लगाए।

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