मुरादाबाद: रतनपुर कला में रहस्यमय बुखार से दो की मौत
मुरादाबाद/पाकबड़ा/अमृत विचार। रहस्यमय बुखार से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। इस बार बुखार का कहर रतनपुर कला गांव में देखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो, हैरत में पड़ गई। सर्वे में मालूम चला कि दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। यहां तक की इन मौत की जानकारी तक …
मुरादाबाद/पाकबड़ा/अमृत विचार। रहस्यमय बुखार से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। इस बार बुखार का कहर रतनपुर कला गांव में देखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो, हैरत में पड़ गई। सर्वे में मालूम चला कि दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। यहां तक की इन मौत की जानकारी तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं हो सकी थी।
अब मौत के कारणों को जानने के लिए चिकित्सा जांच रिपोर्ट जांची जा रही है। यही नहीं ग्रामीणों का जब स्वास्थ्य जांचा गया तो एक या दो नहीं, करीब 11 लोग बुखार से तपते पाए गए। फौरन उनकी मलेरिया जांच के लिए स्लाइड तैयार की गईं। जिनमें मलेरिया का खतरा लग रहा है, उसमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
कुंदरकी ब्लॉक के रतनपुर गांव में कई दिनों से इस बुखार से कई लोग तप चुके हैं। गांव के प्रधान की माने तो यहां रामकिशोर (60) की एक एक माह पहले और अनीता (27) की डेढ़ माह पहले मौत तक हो चुकी है। ये दोनों ही बुखार से पीड़ित थे और अस्पताल में इन्होंने दम तोड़ दिया था। गांव में अन्य लोग भी जब बुखार से तपने लगे तो खौफ गहरा गया।
सूचना स्वास्थ्य को हुई तो शनिवार को गांव में कैंप लगाया गया। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. राजपाल सिंह ने बताया कि कैंप के दौरान 65 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें 11 वे लोग मिले, जो बुखार से पीड़ित थे। इनमें इकरार (10), अंजली (23), आरती (18), मीनाक्षी (17), रवि कुमार (25), आलिया (7), करन सिंह (39), कैलाशो (50), शबनम (40), तपस्सुम (15), मालती (35) शामिल हैं। इनकी मलेरिया जांच के लिए स्लाइड तैयार की गई, जिसकी रिपोर्ट रविवार को आने की उम्मीद है। फिलहाल गांव में मच्छरों के आतंक को खत्म करने के लिए एंटी लार्वा और फॉगिंग कराई जा रही है। इसके साथ गांव में डोर टू डोर भ्रमण कर बुखार के मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमसी गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रह्म सिंह, एसीएमओ डा. डीके प्रेमी आदि भी मौके पर पहुंच गए।
12 लोग बुखार को दे चुके हैं मात
रहस्यमयी बुखार का राज भले ही स्वास्थ्य विभाग न खोज सका हो, पर ग्रामीणों में 12 लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने इस बुखार को मात दी है। जिन्होंने ऐसा कर दिखाया है, उनमें आठ साल के बच्चे से लेकर 35 साल की महिला तक शामिल है। गांव से मिली जानकारी के अनुसार सोनू (30), आयुष (10), अलका सिंह (35), हिमांशु (13) ने एक निजी लैब से जांच कराई थी, जिसमें डेंगू की पुष्टि की गई। मेरठ के एक अस्पताल में इनका इलाज चला, जहां से ठीक होकर वे वापस गांव आ गए। डेंगू से पीड़ित होने पर मेरठ प्रेफर कर दिए गए थे अब यह सभी लोग वापस गांव आ गए। गुरुवार को इलाज कराकर लौटे संजीव सिंह (32) मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती रहे। ग्रामीण राजू, आठ साल की वैशाली, सचिन, श्रद्धा सिंह, सोनू, सौरभ, निशांत का भी बुखार के कारण निजी अस्पतालों में इलाज चला था।
तीन घंटे इंतजार करते रहे डाक्टर, फिर जाना पड़ा घर-घर
रतनपुर कला गांव में ग्राम प्रधान कितने चौकन्ने हैं और गांव वालों को जागरूक करने में वह कितने सक्षम हैं, यह कैंप के दौरान साफ देखा गया। गांव में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाया था। सुबह साढ़े दस बजे लगे इस कैंप में दोपहर डेढ़ बजे तक ग्रामीणों को इंतजार करना पड़ा। कुंदरकी सीएचसी के प्रभारी डा. राजपाल सिंह ने बताया कि तीन घंटे में मात्र चार लोगों ने स्वास्थ्य चेकअप कराया था। जब मरीज नहीं आए तो घर-घर जाकर सर्वे किया और फिर पांच दर्जन से अधिक लोगों का स्वास्थ्य जांचा जा सका। इस टीम में डा. आरिफ, डा. गिरीश, डा. अमित, फार्मासिस्ट रवि शामिल थे।
डा. मिलिंद चंद गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
रतनपुर काल में मलेरिया की जांच कराई गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बुखार से पीड़ित मरीज मिले हैं। उन्हें दवा दी गई है। एमआईसी कुंदरकी द्वारा गांव में कैंप भी लगाया गया, जिसमें काफी लोगों का चेकअप किया गया था। डोर-टू-डोर सर्वे भी किया जाएगा।
डा. ब्रह्म सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी
गांव में एंटी लार्वा साइड का छिड़काव करा दिया गया है। शाम को वहां फॉगिंग भी करा दी गई। प्रथम दृष्टया कोई मलेरिया या डेंगू का मरीज नहीं पाया गया है। जिनकी स्लाइड बनाई गई हैं, उनकी जांच होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। गांव के प्रधान से मच्छर नाशक दवा के छिड़काव के लिए भी कह दिया गया है।
