बरेली: 263 गंवा चुके जान, शुरू हुआ जागरुकता अभियान
बरेली, अमृत विचार। यूपी सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत कम करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। यही वजह है कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात …
बरेली, अमृत विचार। यूपी सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत कम करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। यही वजह है कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात माह के तहत अभियान चलाया जा रहा है।
बरेली की बात करें तो वर्ष 2020 में 10 महीने में जनवरी से अक्टूबर माह तक 536 हादसों में 263 लोगों ने जान गंवाई। इन हादसों में 326 लोग घायल हुए जिनमें कई आज भी शरीर में लगी चोट का दर्द झेल रहे हैं। हादसों के आंकड़े काफी डरावने हैं। इसके बावजूद लोग सड़क पर नियमों की अनदेखी कर फर्राटा भरते नजर आते हैं।
सड़क हादसों को रोकने लिए पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अभियान चलाती है। इसके तहत लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट व अन्य ट्रैफिक नियमों के पालन के बारे में बताया जाता है। इस पर भी जो लोग नहीं मानते हैं, उनका चालान किया जाता है। लोग नियमों का पालन करें। इसके तहत ही जुर्माने की राशि भी अधिक की गई है। प्रदूषण संबंधी प्रमाणपत्र बनवाने की बात करें तो सिर्फ 50 रुपये खर्च होते हैं लेकिन लोग प्रमाण पत्र नहीं बनवाते बल्कि 10 हजार रुपये का चालान कटवाने के लिए तैयार रहते हैं।
हादसों में सबसे ज्यादा मौत हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं। पहली बार हेलमेट न पहनने का चालान एक हजार रुपये का है। इतनी ही कीमत में अच्छा हेलमेट मिल सकता है जिससे भविष्य में चालान से बचने के साथ-साथ हादसे में जान भी बच सकती है लेकिन लोग हेलमेट नहीं लेते। यही वजह है कि प्रत्येक वर्ष हादसों में होने वाली मौतों और घायलों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, वर्ष 2020 में हादसों की संख्या और मौतों का आंकड़ा लॉकडाउन की वजह से कम हो गया।
3.5 करोड़ रुपये दे दिए पर नियम नही मानेंगे
ट्रैफिक पुलिस लगातार नियम तोड़ने वालों के चालान कर रही है। अभी तक जो चालान किए गए हैं उससे स्पष्ट है कि लोग चालान भरने को तैयार हैं लेकिन नियमों का पालन करने को तैयार नहीं। सड़क पर हेलमेट पहनकर दो पहिया वाहन न चलाने, सीट बेल्ट न लगाने, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने की तस्वीरें आम हो गई हैं। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने व तेज गति से वाहन चलाने के भी मामले सामने आते हैं। बरेली पुलिस के रिकार्ड पर गौर करें तो इस वर्ष अब तक 1,28,994 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं जिनसे 3 करोड़ 58 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला जा चुका है।
5 साल में हुए हादसों पर एक नजर
वर्ष हादसे मौत घायल
2016 1054 475 905
2017 1121 465 914
2018 1150 484 907
2019 1093 536 696
2020 536 263 326 (31 अक्टूबर तक)
