तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट से अमेठी के साधु-संतों भारी आक्रोश, कहा- यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं

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अमेठी, अमृत विचार। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा भगवान तिरुपति बालाजी मंदिर  के प्रसाद में मछली का तेल व जानवरों की चर्बी मिलने की बात कहने के बाद से साधु-संतों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में अमेठी स्थित सगरा पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने भगवान तिरुपति बालाजी को चढ़ाए जाने वाले लड्डू के प्रसाद में मिला मछली का तेल व जानवरों की चर्बी पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने  कहां की यह सनातन धर्म के विरुद्ध किया जा रहा षड्यंत्र है।

वहीं संग्रामपुर स्थित मां कालिकन धाम के महंत श्री महाराज ने भी अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि इस प्रकार के कृत से सनातन धर्म को बदनाम किया जा रहा है यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। वहीं स्वामी दिनेशानंद महंत टीकर माफी ने भी भगवान तिरुपति बालाजी को चढ़ाए जाने वाले लड्डू के प्रसाद में देसी घी के नाम पर जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है और कहा की यह क्षमा करने योग्य नहीं है। यह सनातन धर्म की आस्था पर गहरा चोट है। इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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