मुरादाबाद: प्रदूषण नियंत्रण यंत्र फेल, चिमनियां उगल रहीं जहर
मुरादाबाद, अमृत विचार। दूषित हवाओं के मामले में एक बार फिर हैरानी वाले आंकड़े सामने आए हैं। देश में दूसरा तो प्रदेश में मुरादाबाद का एक बार फिर पहला स्थान आया है। बढ़ते प्रदूषण के कारणों को तलाशने में जुटे विशेषज्ञों ने एक बड़ी लापरवाही भी पकड़ी है। फैक्ट्रियों में एयर प्रदूषण कंट्रोल डिवाइस पूरी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। दूषित हवाओं के मामले में एक बार फिर हैरानी वाले आंकड़े सामने आए हैं। देश में दूसरा तो प्रदेश में मुरादाबाद का एक बार फिर पहला स्थान आया है। बढ़ते प्रदूषण के कारणों को तलाशने में जुटे विशेषज्ञों ने एक बड़ी लापरवाही भी पकड़ी है। फैक्ट्रियों में एयर प्रदूषण कंट्रोल डिवाइस पूरी तरह से फेल हो चुके हैं।
इस बात का खुलासा प्रदूषण विभाग ने किया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि आधा दर्जन फैक्ट्रियों में यह बड़ी कमी पकड़ में आई है। उनकी चिमनी से निकलने वाला धुआं फिल्टर होकर नहीं निकल रहा है। जो धुआं निकल रहा है, वह काफी दूषित व रासायनिक गैस के साथ हवा में घुल रहा है। सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि 396 एक्यूआई जो दर्ज किया गया है वह बहुत खराब है और गंभीर परिणामों के नजदीक है।
प्रदूषण को लेकर चिमनी वाली फैक्ट्रियों पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की नजर रहती है। जिले में 11 चिमनी वाली फैक्ट्रियां है, जो कि लाकड़ी फाजलपुर व कांठ रोड अगवानपुर में हैं। बढ़ते प्रदूषण के आंकड़ों से शासन में खलबली मची तो इस विभाग के अधिकारियों को भी जगाया गया। उसके बाद विभाग द्वारा इन फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली बात सामने आई, जिस चिमनी से निकलने वाले धुएं की स्थिति तकनीकी तौर पर प्रदूषण विभाग तक पहुंच जाती है, फैक्ट्रियों के संचालक उसकी खराब डिवाइस का इस्तेमाल करते पाए गए।
जी हां अगवानपुर और लाकड़ी फाजलपुर की छह फैक्ट्रियों में एयर पोल्यूशन कंट्रोल डिवाइस पूरी तरह से विफल पाई गई। ऐसे में फैक्ट्री का जो धुआ है, उससे जो दूषित व हानिकारक गैस है वह अलग ही नहीं हो रही। इस उपकरण के माध्यम से शुद्ध होकर हवा चिमनी से निकलकर वातावरण में घुलनी चाहिए थी, ऐसा हो ही नहीं रहा है।
छह फैक्ट्रियों में यह कमी सामने आई तो हड़कंप मच गया। क्योंकि जिन फैक्ट्रियों में यह लापरवाही मिली है, उन फैक्ट्रियों से काफी धुआं निकलकर हवा घुलता है। प्रदूषण विभाग ने इन फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया है। चिमनी में लगने वाले इस उपकरण को ठीक नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है
हाई अलर्ट जारी, चालू रहेंगे सारे फव्वारे
नगर निगम ने अपने स्टाफ में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। चौराहों पर लगे फव्वारों को चालू रखने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव करने को भी कहा गया है। दरअसल सर्दी शुरू होते ही हवा में नमी बढ़ने से भी प्रदूषण को मौका मिलता है, क्योंकि नमी युक्त हवा के कारण धूल ज्यादा उड़ नहीं पाती है और धुंध जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। फव्वारे चलेंगे व छिड़काव होगा तो धूल को पूरी तरह से दबाया जा सकेगा। इससे प्रदूषण में कुछ राहत रहेगी। इस मामले में प्रदूषण विभाग के अधिकारी नगर आयुक्त संजय चौहान से भी मिले। इस मामले में भी चर्चा की गई, इसपर नगर आयुक्त ने अधीनस्थों को प्रदूषण रोकने के जो उपाय हैं, उनपर सख्ती के साथ अमल करने के निर्देश जारी किए हैं।
वायु प्रदूषण ऐसे नियंत्रित करता है डिवाइस
प्रदूषण विभाग के विशेषज्ञ बताते हैं कि तकनीकी लिहाज से इस डिवाइस में दो अल्ट्रावायलेट लैंप ओर आधे किग्रा सक्रिय कार्बन विशेष रसायन, टाइटेनियम डाइ-ऑक्साइड का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह अस्थिर कार्बनिक यौगिकों और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैंसों को भी हटाने में मदद करता है। यह डिवाइस वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हवा उत्पन्न करने के साथ ही और एक फैन और फिल्टर की सहायता से कार्बन (चारकोल) जैसे सक्रिय प्रदूषक को भी हटाता है।
प्रदूषण से सांस की तकलीफ बढ़ सकती है
जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डा. प्रवीण शाह ने बताया कि प्रदूषण में सांस की तकलीफ बढ़ सकती है। साने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इसके साथ ही प्रदूषण ज्यादा होगा तो जो हम खा-पी रहे हैं, उसमें दूषित हवा घुलने से शरीर में अन्य बीमारियां भी पैदा हो सकती है। हृदय संबंधि, फेफड़ों में कैंसर, किडनी खराब होना, गुर्दे खराब होना आदि दिक्कतें भी हो सकती हैं। बचाव के रूप में पकाने पहले सब्जियों को अच्छे से धोएं, पानी उबालकर पिएं, घर से बाहर निकलें तो मास्क लगाएं।
मुरादाबाद का एक्यूआई देश में दूसरे नंबर पर
शहर एक्यूआई
अंबाला 409
मुरादाबाद 396
कुरुक्षेत्र 372
लखनऊ 337
गाजियाबाद 330
मुरादाबाद का एक्यूआई प्रदेश में पहले नंबर पर
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 396
लखनऊ 337
कानपुर 317
नोयडा 312
मेरठ 306
एक्यूआई की स्थिति
एक्यूआई असर
00-50 अच्छी
51-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
बीते सप्ताह में प्रदूषण का हाल
दिनांक एक्यूआई
27 अक्टूबर 328
28 अक्टूबर 339
29 अक्टूबर 348
30 अक्टूबर 241
31 अक्टूबर 357
01 नवंबर 379
02 नवंबर 386
विकास मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
जिले में 11 चिमनी वाली फैक्ट्रियां हैं। उनका निरीक्षण किया गया तो छह फैक्ट्रियों में चिमनी से निकलने वाला धुआं फिल्टर नहीं पाया गया। इसपर उन फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर पानी का छिड़काव और फव्वारों को चालू रखने को कहा गया है। इसपर नगर निगम ने गंभीरता दिखाई है।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
शहर में फव्वारे हर दम चालू रहेंगे। इसके लिए निर्देश पहले से ही जारी हैं और इसपर सख्ती से पालन हो, इसलिए फिर से कहा गया है। यही नहीं मिट्टी को दबाने के लिए पानी का छिड़काव करने को जलकल जीएम को कहा गया है। प्रतिदिन छिड़काव भी किया जा रहा है। प्रदूषण को रोकने में नगर निगम अपने प्रयास में लगा हुआ है।
