मुरादाबाद: करवाचौथ पर हुई आतिशबाजी से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब
मुरादाबाद, अमृत विचार। करवाचौथ पर हुई आतिशबाजी ने पर्यावरण की हालत बेहद गंभीर कर दी है। रात जैसे ही आतिशबाजी शुरू हुई, आसमान में धुंध छा गई। चांद उस धुंध में छिपता नजर आया। दूसरे दिन इसका असर सूरज पर भी दिखा। दोपहर 12 बजे तक धुंध की चादर से सूर्य घिरा नजर आया। उस …
मुरादाबाद, अमृत विचार। करवाचौथ पर हुई आतिशबाजी ने पर्यावरण की हालत बेहद गंभीर कर दी है। रात जैसे ही आतिशबाजी शुरू हुई, आसमान में धुंध छा गई। चांद उस धुंध में छिपता नजर आया। दूसरे दिन इसका असर सूरज पर भी दिखा। दोपहर 12 बजे तक धुंध की चादर से सूर्य घिरा नजर आया। उस समय तक जहां धूप की तपन तेज होनी चाहिए थी, उस वक्त धूप का असर प्रदूषण के कारण हल्का ही रहा।
हैरानी की बात तो यह है कि जो आतिशबाजी हुई है, वह दिवाली के मुकाबले बीस फीसदी भी नहीं आंकी जा रही है, ऐसे में आठ दिन बाद पर्यावरण के क्या हालात होंगे, यह बेहद चिंताजनक हो गया है। यह और भी हैरानी की बात इसलिए भी है, क्योंकि वर्ष 2020 की दिवाली में शहर की हवा जितनी जहरीली हुई थी, उससे भी 13 फीसदी अधिक प्रदूषण करवाचौथ पर रहा है। चिंताजनक इसलिए भी है, क्योंकि पटाखों के कारण जिस तरह से पर्यावरण बीमार हुआ है, अफसरों ने नियंत्रण पर अभी तक कोई भी योजना तैयार नहीं की है।
भारत में मुरादाबाद शहर की जो प्रदूषण की स्थिति है, उसने सभी को दंग कर दिया है। अति गंभीर स्थिति में पहुंचे प्रदूषण का एक्यूआई 487 पहुंच चुका है। इस आंकड़े के साथ यह शहर पूरे देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित माना गया है। दूषित हवाएं लोगों को बीमार कर सकती हैं, इसलिए हाई सचेत रहने की जरूरत हो गई है। प्रदूषण के जो आंकड़े दर्ज किए गए हैं, उनके अनुसार अक्टूबर से ही शहर की सेहत बिगड़नी शुरू हो गई थी। नवंबर शुरू होते ही एक्यूआई बढ़ता चला गया।
आंकड़ों के अनुसार 31 अक्टूबर को 357 एक्यूआई था। एक नवंबर को यह 379, दो नवंबर को 386, तीन नवंबर को 396, चार नवंबर को 435 के साथ पर्यावरण की हालत बेहद गंभीर हो गई। गुरुवार को तो इसने हद ही कर दी और जो दिवाली पहले एक्यूआई दर्ज किया गया वह प्रदूषण के अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ चुका है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब हवा जहरीली होती जा रही है और हर तरफ प्रदूषण हमलावर हो चुका है, तब इसको नियंत्रित करने वाले विभाग कुछ ज्यादा खास नहीं कर पा रहे हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए अब तक कोई ठोस इंतजाम होते नहीं दिख रहे हैं। पिछले साल दिवाली पर जब खूब आतिशबाजी हुई थी तब 424 एक्यूआई प्रदूषण दर्ज किया गया था। एक साल बाद और दिवाली पहले जो एक्यूआई दर्ज किया गया है, उसने सभी को दहशत में डाल दिया है
एक्यूआई के मानक
एक्यूआई असर
0-50 अच्छी
51-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
प्रदूषण में दस शहरों का हाल
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 488
गाजियाबाद 440
बागपत 435
ग्रेटर नोएडा 432
फरीदाबाद 424
जींद 418
दिल्ली 410
कानपुर 391
लखनऊ 375
कुरुक्षेत्र 359
विकास मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
दिवाली के मुकाबले जो आतिशबाजी हुई है, वह करीब बीस फीसदी भी नहीं हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर निगम को पानी छिड़काव, फव्वारा चलाने आदि को कहा गया और वह हो भी रहा है। इसके साथ ही फैक्ट्रियों में भी निरीक्षण कर स्थिति जांची जा रही है। आतिशबाजी को लेकर शासन से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। यदि कोई गाइडलाइन जारी होती है तो इसपर अमल किया जाएगा।
