दोहरे हत्याकांड: संगीन जुर्म सुनकर दोनों ने बनाया हत्या का प्लान

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। दोहरे हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती आ गई है। यह ऐसा गुनाह है जो है तो बेहद संगीन, लेकिन पुलिसिया रिकार्ड में इसका कहीं जिक्र तक नहीं हैं। इसी संगीन जुर्म को करने का तरीका सुनकर मन्नान और यूनुस ने मर्डर की प्लानिंग की। अब पुलिस …

मुरादाबाद, अमृत विचार। दोहरे हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती आ गई है। यह ऐसा गुनाह है जो है तो बेहद संगीन, लेकिन पुलिसिया रिकार्ड में इसका कहीं जिक्र तक नहीं हैं। इसी संगीन जुर्म को करने का तरीका सुनकर मन्नान और यूनुस ने मर्डर की प्लानिंग की। अब पुलिस उस जुर्म के रहस्य से पर्दा उठाने में भी जुट गई है।


खुलासा करते हुए एसएसपी ने भले ही उस संगीन जुर्म का खुलकर जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने इसका दावा किया कि वही जुर्म की दास्तां सुनकर दोनों ने प्लान बनाया। तमाम कुरेदने के बाद एसएसपी ने कहा कि चूंकि वह जुर्म पुलिस के रिकार्ड में कहीं दर्ज नहीं हैं, लेकिन उसका खुलासा करना जरूरी है। हालांकि उनके इशारे से यह तो साफ हो गया कि वह मामला भी किसी मर्डर मिस्ट्री से जुड़ा हुआ है।

एसएसपी के अनुसार दोनों एक बार कहीं बैठकर शराब पी रहे थे, जहां पर कुछ युवक नशे में उसके संबंध में बात कर रहे थे। उसे सुनकर दोनों ने अपना प्लान तैयार किया। खुलासे के दौरान जब दोनों से प्लान के संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने हकीकत बताई। क्रास चेक करने पर उनकी बात सही निकली, लेकिन हैरानी तब हुई जब वह क्राइम पुलिस के रिकार्ड में दर्ज नहीं हैं। लिहाजा उसके खुलासे के लिए भी एक टीम का गठन कर दिया गया है।

खुद के कारनामों को कैमरे में कैद करते चले गए
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भले ही मन्नान और यूनुस ने बचने के तमाम उपाय किए हों, लेकिन हकीकत में वह अपने खिलाफ सुबूत खुद कैमरे में कैद करते चले गए। शहर कोतवाली क्षेत्र में जिस दुकान में लूट के जेवर बेचने गए, वहां पर वह सीसीटीवी में कैद हो गए। इसके बाद वह कोतवाली क्षेत्र में एक मोबाइल शाप पर पहुंचे। जहां पर दोनों ने एक महंगा फोन खरीदा। मोबाइल का कैमरा चेक करने के लिए दोनों ने दुकान में ही सेल्फी ली। एसएसपी के अनुसार यहां से निकलने के बाद दोनों ने शराब और कोल्डड्रिंक ली और रामगंगा नदी किनारे पहुंच गए। यहां पर दोनों ने पार्टी की, जिसकी फोटो भी मोबाइल के कैमरे से ली। पुलिस ने जब दोनों को पकड़कर उनका मोबाइल चेक किया तो यह सबूत भी पुलिस के हाथ लग गए।

वारदात के वक्त नीचे चल रहा था टीवी
मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड के खुलासे में लगी टीमों ने तमाम लोगों से पूछताछ की,लेकिन किसी ने चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनने से इंकार कर दिया। यहां तक की प्रापर्टी डीलर के घर के अन्य हिस्सों में किराए पर रहने वालों ने भी यही बयान दिए, लेकिन खुलासा हुआ तो हकीकत अलग निकली। दरअसल दोनों आरोपियों ने पूछताछ के बाद बताया कि त्योहार होने के कारण गली में चहल-पहल थी। जिस वक्त वारदात को अंजाम दिया उस वक्त नीचे वाले हिस्से में टीवी चल रही थी। जिसकी आवाज भी आ रही थी। समरीन ने जब शोर मचाया तो नीचे वाले हिस्से से किसी ने कौन है कि आवाज भी लगाई। जिस पर दोनों ने समरीन का मुंह दबा दिया। हालांकि आवाज देने के बाद कोई ऊपर नहीं आया।

प्रापर्टी डीलर को चिढ़ाने वाले भी हुए परेशान
मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तो तमाम ऐसे भी लोग सामने आए, जिनका इस हत्याकांड से लेना-देना कोई नहीं था, लेकिन वह अक्सर प्रापर्टी डीलर को फोन करते थे। एसएसपी ने बताया कि नजारत हुसैन जरा सी बात पर चिढ़ जाता था और गालियां बकने लगता था। उसकी इस आदत का तमाम लोग मजा भी लेते थे। वह लोग बेवजह उसे फोन करके ऐसी बात कहते थे कि वह गालियां बकने लगता था। बाद में गली में खड़े होकर भी नजारत लड़कों को खरी-खोटी सुनाता था।

खुलासा करने वाली टीम पुरुस्कृत
दोहरे हत्याकांड के खुलासे में दिन रात लगी टीमों को एसएसपी ने ईनाम देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि एसओजी के अलावा सर्विलांस व फारेंसिक टीम ने खुलासे में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने एसओजी व सर्विलांस की टीम को 25-25 हजार व फारेंसिक टीम को 10 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है।

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