उन्नाव में हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास: कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में होने लगी थी मारपीट, 13 साल पहले गोलियां बरसाकर की थी हत्या

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13 साल पहले अचलगंज थानाक्षेत्र में हुई थी वारदात

उन्नाव, अमृत विचार। अचलगंज थानाक्षेत्र में युवक की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में एडीजे-1 की कोर्ट ने  हत्याकांड के दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। इसमें एक दोषी पर 60 तो दूसरे पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

बता दें कि अचलगंज थानाक्षेत्र के लोहचा गांव निवासी मिथलेश कुमारी पत्नी रामसेवक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 27 फरवरी-2011 को उसका बेटा कुलदीप कुमार गांव में अपने चाचा राजेंद्र की दुकान पर अखबार पढ़ रहा था। तभी गांव का राजकिशोर पुत्र लक्ष्मी नारायण दुकान पर आया और दो साल पहले दुकान से लिए गए  पुराने मोबाइल को लेकर विवाद करने लगा था। 

कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। उस दिन भी राजकिशोर गाली-गलौज करने लगा। अगले दिन सुबह 9 बजे राजकिशोर अपने भाई कृष्ण चंद्र, प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र, नागेंद्र व बब्लू पुत्र रामस्वरूप निवासी बनवारी पुरवा थाना रूरा कानपुर देहात के साथ उसके घर पहुंचा और आवाज देकर बेटे को बाहर बुलाया। जैसे ही कुलदीप बाहर गया तीनों ने उस पर अवैध असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। 

गोली लगने से कुलदीप घायल होकर गिर पड़ा। इसी दौरान हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले थे। घटना के बाद सन्नाटा पसर गया था और लोग घरों में दुबक गए थे। मौके पर मौजूद चाचा राजेंद्र व कुलदीप की पत्नी लक्ष्मी मौजूद थी। 

परिजन घायल हालत में युवक को कानपुर के हैलट अस्पताल ले गए। जहां इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 4 मार्च-2011 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसओ श्रीधर पाठक ने आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र कर 23 मार्च-2011 को चार्जशीट पेश की थी। 

मामले की सुनवाई के दौरान राजकिशोर व कृष्णचंद्र की मौत हो गई थी। शनिवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई एडीजे-1 कोर्ट में पूरी हुई। जिसमें शासकीय अधिवक्ता अजय की दलीलों व गवाहों के आधार पर एडीजे मो. असलम सिद्दीकी ने प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र व बब्लू को आजीवन कारावास के आदेश दिये। वहीं घटना के समय नाबालिग रहे आरोपी नागेंद्र की सुनवाई बाल किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।

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