मुरादाबाद: ऑटम फेयर में खिचें चले आए 106 देशों के 2000 बायर्स

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मुरादाबाद,अमृत विचार। स्वर्ण जयंती के साथ शुरू हुआ ऑटम फेयर ने खूब छाप छोड़ी है। तीन दिनों में जो परिणाम सामने आए हैं, उसने निर्यातकों के चेहरे तो खिला ही दिए हैं, साथ ही ईपीसीएच के अधिकारियों को भी गदगद कर दिया है। डिजिटल फेयर में स्टॉल की चमक इस कदर विदेशी स्क्रीनों पर छा …

मुरादाबाद,अमृत विचार। स्वर्ण जयंती के साथ शुरू हुआ ऑटम फेयर ने खूब छाप छोड़ी है। तीन दिनों में जो परिणाम सामने आए हैं, उसने निर्यातकों के चेहरे तो खिला ही दिए हैं, साथ ही ईपीसीएच के अधिकारियों को भी गदगद कर दिया है। डिजिटल फेयर में स्टॉल की चमक इस कदर विदेशी स्क्रीनों पर छा रही है कि सैकड़ों की संख्या में बायर्स खिंचे चले आ रहे हैं। तीन दिनों में 106 देशों के दो हजार से भी ज्यादा बायर्स वर्चुअल फेयर में जुड़ चुके हैं। डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के कारोबार की विजनेस डीलिंग भी बताई जा रही है।


आईएचजीएफ वर्चुअल मेले के 50वें संस्करण चार नवंबर से शुरू हुआ। नौ नवंबर तक होने वाले इस फेयर में पहले दिन से ही ईपीसीएच को जो उम्मीद थी, वह नजर आई। 25 शोरूम से सीधा प्रसारण किया जा रहा है, इसमें 14 सौ निर्यातकों की खूब मेहनत भी दिख रही है।

जापान, अमेरिका व अन्य देशों के निर्यातकों ने फेयर शुरू होते ही स्टॉल सर्च करने शुरू कर दिए। निर्यातकों ने भी इस फेयर जो सूझबूझ और मेहनत दर्शायी है, उसका भी असर देखा जा रहा है। स्टॉल बेहतरीन अंदाज में सजाए गए। जो बायर्स एक बार स्टॉल सर्च कर ले, फौरन उसपर केंद्रित हो जाता है। ईपीसीएच के महा निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि तीन दिन में इतना अच्छे परिणाम आए हैं, जिसने फेयर को सफलता के संकेत दिए हैं।

मात्र तीन दिन में 106 देशों के बायर्स फेयर का हिस्सा बने। उन्होंने खूब बिजनेस डीलिंग की। माना जा रहा है कि करीब डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के कारोबार पर उन्होंने चर्चा की है। यह आंकड़ा और अधिक भी हो सकता है। अंतिम दिवस पर सही स्थिति सामने आएगी। करीब दो हजार बायर्स इस फेयर में स्टॉल सर्च कर चुके हैं। इनमें कई बायर्स ऐसे हैं, जो बड़ा आर्डर देते हैं। बायर्स से संपर्क किया जा रहा है तो वह फेयर को लेकर जो प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उससे भी निर्यातकों का हौसला बढ़ रहा है।

प्रमुख कंपनियां जो हुई शामिल
जर्मनी की एटलस जीएम बीएच, जर्मनी एमआरडी, ऑस्ट्रेलिया की होरगन इंपोर्ट एक्सपोर्ट, बेल्जियम की पलज्जो टाइमलेस एसेसरीज, ब्राजील की क्रोमस एम्बालाजेनस, कनाडा की सिंपली होम, कोलोम्बियो की तिरसा गैलरी, टीजेएक्स कनाडा, डेनमार्क की ट्रेड प्वाइंट, स्पेन की जुलिया ग्रुप फर्नीचर एसएल, जापान की रियोहिन कीकाकू कंपनी, यूनाइटेड की नेदरलैंड्स एंड जेएलए होम, आस्ट्रिया आदि कई देशों की कंपनियों के बायर्स शामिल हुए।

बांस हस्तशिल्प का होगा विकास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घरेलू उत्पादों को आगे बढ़ाने, उसके लिए योजनाएं बनाने के लिए कहा तो इसपर ईपीसीएच ने भी वर्चुअल चर्चा की। डीसी हैंडीक्राफ्ट्स गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से दीपावली के सम्बंध में प्रमोटिंग हैंडीक्राफ्ट्स ड्यूरिंग फेस्टिवल सीजन ऑफ दिवाली विषय पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी की अध्यक्षता में वर्चुअली बैठक हुई।

सचिव रवि कपूर हैंडीक्राफ्ट डीसी शांतनु, महानिदेशक राकेश कुमार, चेयरमैन रवि पासी कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा, उपाध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा कमल सोनी, सीओए नीरज खन्ना, सुनील सेठी मौजूद रहे। त्योहारी घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इससे रोजगार भी बढ़ेगा और भारतीय लोगों को उनकी मेहनत का फल भी प्राप्त हो सकेगा।

बांस हस्तशिल्प विपणन, डिजाइन और सतत विकास और आजीविका के लिए कौशल पर वर्चुअल पैनल चर्चा हुई। इस दौरान नए डिजाइन, नए उत्पादों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, कौशल विकास, तकनीकी हस्तक्षेप, राष्ट्रीय बांस मिशन भूमिका, कच्चे माल की उपलब्धता, रसद के बारे में बात की गई। इस दौरान ईपीसीएच के चेयरमैन रवि पस्सी, कृषि मंत्रालय अतिरिक्त सचिव डा. अलका भार्गव, हस्तशिल्प अध्यक्ष ओपी प्रह्लाद का, खरीद एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल ढींगरा, जेलियांग जेसमिना प्रशासन समिति सदस्य भी मौजूद रहे।

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