इटावा में हिस्ट्रीशीटर जमील बौरा की हत्या के एक आरोपी को उम्रकैद: तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने किया बरी
इटावा, अमृत विचार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय दिनेश गौड ने 11 साल पुराने कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर जमील बौरा की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि उर्दू मोहल्ला निवासी प्राची मिश्रा ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वह 2 सितंबर 2013 को अपराहन करीब साढे़ तीन बजे अपने पति जमील बौरा के साथ बाइक से मोहल्ला रानी बाग कोतवाली निवासी मन्नू उर्फ सलाउद्दीन पुत्र मुन्ना पहलवान के बुलाने पर उससे पैसा लेने के लिए उसके घर गए थे।
जब वह घर में घुसे तभी वहां पहले से मौजूद मन्नू उर्फ सलाउद्दीन, सलमान पुत्र इस्लाम, साजिद उर्फ लल्ला पुत्र रहीश, इस्लाम पुत्र लियाकत निवासी मेवाती टोला ने उसके ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। ताबडतोड़ फायरिंग में जमील बौरा की मौत हो गई। लोगों ने उसके ऊपर भी फायरिंग की। जिसमें वह बाल-बाल बच गई। बाद में लोगों के आ जाने पर हमलावर भाग जाने में सफल रहे।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने मन्नू उर्फ सलाउद्दीन, सलमान, साजिद उर्फ लल्ला व इस्लाम के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मन्नू उर्फ सलाउद्दीन को साक्ष्यों को आधार पर दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सलमान साजिद व इस्लाम को दोष मुक्त कर दिया।
ये भी पढ़ें- कानपुर में शादी का झांसा देकर युवक ने लूटी अस्मत: पीड़िता बाेली- शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की दी धमकी
