बरेली: विश्वविद्यालय परिसर में कुत्तों पर लगेगी लगाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) में कुत्तों के हमले से 6 साल की बच्ची के घायल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवारा और पालतू कुत्तों पर लगाम लगाने की तैयारी की है। इसको लेकर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों से पालतू कुत्तों की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा नगर निगम को …

बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) में कुत्तों के हमले से 6 साल की बच्ची के घायल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवारा और पालतू कुत्तों पर लगाम लगाने की तैयारी की है। इसको लेकर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों से पालतू कुत्तों की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा नगर निगम को भी आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए पत्र लिखा है, लेकिन पांच दिनों बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

यही वजह है कि रुविवि मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ सोमवार को कुलसचिव से मिलकर आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने की मांग करेंगे। नगर निगम को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। घटना होने के बाद 3 नवंबर को कुलसचिव ने सूचना जारी की थी कि जिसके तहत विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाले सभी शिक्षक, अधिकारियों, और कर्मचारियों को आदेश दिया कि जिन लोगों ने कुत्ता पाल रखा है। वह सभी कुत्ते के गले में पट्टा डालकर रखें।

इसके अलावा जानकारी दें कि उन्होंने अपने कुत्ते का कब वैक्सीनेशन कराया था। जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय में सिर्फ एक शिक्षक और दो कर्मचारियों ने ही कुत्ता पाल रखा है। विश्वविद्यालय में ज्यादातर कुत्ते आवारा घूमते हैं आवारा कुत्तों ने ही बच्ची पर हमला किया था। कुलसचिव की ओर से एक पत्र नगर निगम को भेजा गया है, जिसमें लिखा है कि विश्वविद्यालय में शैक्षिक व आवासीय परिसर में काफी संख्या में आवारा कुत्ते हो गए हैं। जो कई लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। इस पत्र में बच्ची के साथ हुई घटना का भी जिक्र किया गया है। कुलसचिव ने नगर निगम को आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

कुत्तों ने छह वर्षीया आराध्या की नोची थी गर्दन
28 अक्टूबर की शाम को परिजनों के साथ टहलते वक्त विश्वविद्यालय परिसर में मंदिर के पास 6 साल की बच्ची आराध्या पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। कुत्तों ने उसकी गर्दन नोची थी, जिसकी वजह से उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। बच्ची 10 दिन बाद अस्पताल से शुक्रवार को अपने घर पहुंची है। इस हादसे को लेकर कर्मचारियों नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी।

संबंधित समाचार