बरेली: पीलीभीत में गला दबाया, विशारतगंज में नाक काटी
बरेली,अमृत विचार। विशारतगंज में 30 अक्टूबर को कंचन की हत्या कर शव फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कंचन के कथित पति सुनील शास्त्री और उसकी पत्नी सीमा को गिरफ्तार कर लिया है। सुनील ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसमें उसने अपनी पत्नी के शामिल होने की …
बरेली,अमृत विचार। विशारतगंज में 30 अक्टूबर को कंचन की हत्या कर शव फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कंचन के कथित पति सुनील शास्त्री और उसकी पत्नी सीमा को गिरफ्तार कर लिया है। सुनील ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसमें उसने अपनी पत्नी के शामिल होने की बात कही है। लेकिन पत्नी अभी इनकार कर रही है।
कंचन की दोनों ने पीलीभीत में स्टॉल से गला दबाकर हत्या की थी और फिर कार से शव को लाकर विशारतगंज में डाल दिया था। विशारतगंज में शव डालने पर उसकी नाक और गला चाकू से काट दिया था। पत्नी के अलग रहने पर कंचन उसके साथ रहने लगी थी। लेकिन उसने कंचन से शादी नहीं की थी। जब उसकी पत्नी वापस आयी तो कंचन उसके साथ रहने का दबाव बनाने लगी तो उसे रास्ते से हटा दिया।
बता दें 30 अक्टूबर को विशारतगंज थाना अंतर्गत अखा मोड़ के पास एक महिला का शव मिला था। उसकी पहचान उसके सुभाषनगर निवासी भाई भरत मिश्रा ने कंचन के रूप में की थी। उसने बताया था कि उसकी बहन की शादी पीलीभीत के सुनगढ़ी में गांधी नगर मोहल्ला निवासी सुनील शास्त्री से हुई थी। वह करवाचौथ से एक दिन पहले बहन मायके से ससुराल गई थी। वह उसे सैटेलाइट तक छोड़ने गया था, लेकिन उसके बाद से कोई सुराग नहीं लगा था। जब पुलिस सुनील शास्त्री के घर पहुंची तो वह परिवार के साथ फरार हो गया था।
मामले के खुलासे के लिए थाना पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया था। सर्विलांस की टीम भी लगी हुई थी। सुनील शास्त्री के फरार होने की वजह से उसपर शक गहरा गया था। दो दिन पहले उसकी पत्नी सीमा एसएसपी से आकर मिली थी। उसने कहा था कि वह सुनील की पत्नी और कंचन उसके यहां नौकरानी बनकर रहती थी। उसके पति ने कंचन की हत्या नहीं की है। इस वजह से पुलिस का शक सुनील पर और गहरा गया था।
सफाई देने की प्लानिंग में फंसा
पुलिस ने जब जांच की तो पाया गया कि कंचन का मोबाइल पीलीभीत के सुनगढ़ी में वारदात के दिन स्विच ऑफ हुआ था। इसके अलावा सुनील का फोन भी उस दिन बंद रहा और दूसरे दिन खुला। जिसकी वजह से पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। वह सरेंडर करने की तैयारी में था। उसने खुद को बचाने के लिए एक चाल चली और अपनी सफाई देने के बहाने पुलिस से संपर्क किया। उसे लगा कि पुलिस के पास सबूत नहीं हैं। जब पुलिस ने उसे उसकी लोकेशन के सबूत बताकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
उसने बताया कि दो साल से उसकी पत्नी विवाद के चलते अपने मायके भोजीपुरा में रह रही थी। उसके बच्चों की देखरेख के लिए कंचन को रखा। उसके संबंध कंचन से हो गए थे। लेकिन कंचन से उसने शादी नहीं की थी। वारदात से कुछ दिनों पहले उसकी पत्नी वापस आ गई। जब इस बारे में कंचन को पता चला तो वह भी पहुंच गई। इस पर दोनों के बीच में विवाद हुआ। कंचन खुद को रखने की जिद कर रही थी, जिसकी वजह से उसकी स्टॉल से गला दबाकर हत्या कर दी।
इसलिए कंचन की काटी नाक
पुलिस पूछताछ में सुनील ने बताया कि हत्या के बाद उसने कार में कंचन का शव रखा और उसे विशारतगंज में अखा मोड़ के पास फेंक दिया। यहां पर शव को लाकर इसलिए फेंका ताकि उसके भाइयों और मायके वालों पर शक जाए। उसने कंचन का गला और नाक विशारतगंज में काटी। नाक इसलिए काटी, क्योंकि कंचन के बिना शादी के रहने पर उसके भाई और परिजन नाराज रहते थे। वह अक्सर कहते थे कि उसने उनकी नाक कटा दी है। नाक काटने से इसका भी शक मायके वालों पर ही जाएगा।
302 में ही होगी कार्रवाई
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि कंचन के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में पहले हत्या का केस दर्ज किया गया था। भाई की तहरीर पर दहेज हत्या में केस दर्ज तरमीम किया गया था। अब आरोपियों की गिरफ्तारी से साफ है कि कंचन की शादी ही नहीं हुई थी तो दहेज हत्या नहीं बनती है। अब फिर से हत्या में केस तरमीम कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
