Prayagraj News : कर नोटिस विधिवत जारी न होने पर करदाता नई नोटिस का हकदार

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 73 के अनुसार करदाता को नई नोटिस जारी करने के मामले में कहा कि अगर करदाता को प्रारंभिक नोटिस की सूचना विधिवत नहीं दी गई है तो करदाता माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 73 के तहत नया नोटिस प्राप्त करने का हकदार है।

कोर्ट ने ओला फ्लीट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नामक एक अन्य मामले पर विचार करते हुए पाया कि करदाता को संदेह का लाभ दिया जा सकता है।अतः कोर्ट ने मूल्यांकन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह कानून में निर्धारित तरीके से याची को कम से कम 15 दिन का नया स्पष्ट नोटिस जारी करें। उक्त आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने मेसर्स आशीष ट्रेडर्स की याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किया।

वर्तमान मामले में याची ने धारा 73 के तहत पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसके खिलाफ मांग बनाई गई थी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नोटिस जीएसटी पोर्टल के 'अतिरिक्त नोटिस और आदेश' टैब पर अपलोड किए गए थे,जिस कारण याची को नोटिस जारी करने के साथ-साथ आदेश पारित करने के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी।

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