बरेली के तीन विषय विशेषज्ञ राज्य में सुधारेंगे पढ़ाई का स्तर
रजनेश सक्सेना, बरेली। शासन स्तर से इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षण कार्य में सुधार के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। शासन के इस कार्य में बरेली के तीन विषय विशेषज्ञ उनकी मदद करेंगे। इसके लिए शासन स्तर से बरेली के तीन विषय विशेषज्ञों को चुना गया है। ये विशेषज्ञ अपने आइडिया …
रजनेश सक्सेना, बरेली। शासन स्तर से इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षण कार्य में सुधार के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। शासन के इस कार्य में बरेली के तीन विषय विशेषज्ञ उनकी मदद करेंगे। इसके लिए शासन स्तर से बरेली के तीन विषय विशेषज्ञों को चुना गया है। ये विशेषज्ञ अपने आइडिया और नई तकनीक से प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारेंगे। शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को बदलने में मदद करेंगे। शासन ने इनके साथ एक वेबिनार भी आयोजित किया है।
राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं की पढ़ाई कराने के तरीके को बदलने के लिए 10 और 11 नवंबर को एक वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर से कई विषय विशेषज्ञों को चुना गया है। इसमें बरेली से पूर्व डायट प्रवक्ता डॉ. शिवानी यादव, एसआरजी डॉ. लक्ष्मी शुक्ला और भुता ब्लॉक की प्राथमिक विद्यालय डभौरा गंगापुर की प्रधानाध्यापक दीपमाला पांडेय को चुना गया है।
तीनों विशेषज्ञों को अगल-अलग टॉपिक दिए गए हैं जिन पर उन्होंने पीपीटी तैयार कर शासन के सामने प्रस्तुत करने की पूरी तैयारी कर ली है। यह वेबिनार पांच-पांच सत्रों में दो दिनों में पूरा होगा। वेबिनार का प्रत्येक सत्र केवल 50 मिनट का होगा। इसी समय में विशेषज्ञों को अपनी पूरी बात रखनी होगी और टॉपिक को समझाना होगा। वेबिनार सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा। इसी बीच सभी विशेषज्ञों को वेबिनार के दौरान अध्यापकों को होने वाली समस्याओं का भी निस्तारण करना होगा।
इन्हें मिला यह टॉपिक
एसआरजी डॉ. लक्ष्मी शुक्ला को वेबिनार के पहले दिन पहले सत्र में अपने टॉपिक पर बोलने और समझाने का मौका मिला है। उन्हें शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की तकनीक पर अपने विचारों को प्रस्तुत करना है। उसी दिन दूसरे सत्र में पूर्व डायट प्रवक्ता डॉ. शिवानी यादव को मौका मिलेगा। डॉ. शिवानी यादव को बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करने की तकनीक पर अपने विचारों को प्रस्तुत करना है। इसके बाद वेबिनार के दूसरे दिन यानि 11 नवंबर को तीसरे सत्र में प्रधानाध्यापक दीपमाला पाण्डेय को समावेशी कक्षा शिक्षण में विषय पर अपने विचार रखने और समझाने का मौका मिला है।
मुझे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की तकनीक और शिक्षक के अंदर नैतिक मूल्यों एवं व्यावसायिक दक्षता का संवर्द्धन विषय पर विचार रखने हैं। इसके लिए मैंने पूरी तैयारी कर ली है। बस अब पीपीटी के माध्यम से इसे प्रस्तुत करना है। – डॉ. लक्ष्मी शुक्ला, एसआरजी
मुझे बच्चों की गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करने की तकनीक और समावेशी कक्षा शिक्षण पर विचार रखने हैं। मैंने इसके लिए कई पीपीटी तैयार की हैं। इन्हें 50 मिनट में प्रस्तुत करके अपनी बात रखनी होगी। – डॉ. शिवानी यादव, पूर्व डायट प्रवक्ता
निर्धारित समय में ही हमें अपनी पूरी बात रखनी है और शिक्षकों की जो समस्याएं हैं, उनका भी समाधान करना है। जिससे किसी के मन में कोई जिज्ञासा न रहे। वैसे मुझे समावेशी कक्षा शिक्षण टॉपिक मिला है। – दीपमाला पाण्डेय, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय डभौरा गंगापुर
