बदायूं: बालिका से किया गलत काम, कोर्ट ने चार महीने में सुनाई दुष्कर्मी को सजा...जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार : पांच महीने पहले बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने दोषी माना है। दोषी को आजीवन कारावास और 1.27 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। आरोपी ने बालिका के साथ घिनौना काम किया था। उसके परिजनों ने कई अधिवक्ताओं से उसका केस लड़ने को कहा लेकिन किसी भी अधिवक्ता ने उसका केस नहीं लड़ा। जिसके चलते सरकारी अधिवक्ता ने मुकदमा लड़ा। इसके अलावा डीएनए रिपोर्ट मजबूत कड़ी बनी। पुलिस ने जांच और साक्ष्य संकलन के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने चार महीने में ट्रायल पूरा करके सजा सुनाई है।

अभियोजन कथानक के अनुसार कादरचौक थाना क्षेत्र निवासी वादी मुकद्दमा ने 14 जून 2024 को पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया कि उसकी 8 साल की भतीजी परिवार के अन्य बच्चों के साथ खेत पर खेल रही थी। इसी दौरान गांव मौसमपुर निवासी 42 साल के वीरेश पुत्र दरियाब सिंह आया और उनकी भतीजी को भुट्ठा खिलाने को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। 

मक्का के खेत में ले जाकर बालिका के दुष्कर्म किया और अप्राकृतिक कृत्य भी किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच की। साक्ष्यों को संकलित करने के बाद कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। जिसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। न्यायालय ने लगभग चार महीने में सभी कार्यवाही को पूरा किया और विचारण की प्रकिया पूरी की। मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा व प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद आरोपी वीरेश को दोषी मानते हुए सजा सुनाई

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