पीलीभीत: मेडिकल के 96 छात्र-छात्राओं ने गोद लिए 288 परिवार...अब करेंगे देखभाल
पीलीभीत, अमृत विचार। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाला एमबीबीएस का हर छात्र-छात्रा एक परिवार को गोद लेगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने यह नई पहल की है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गोद लिया जाएगा। इसको लेकर पीलीभीत में अध्ययनरत 96 छात्रों ने 288 परिवारों को गोद लिया है। अब उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की देखरेख भी इन्हीं को करनी है। इस पहल के माध्यम से वह चिकित्सा पद्वति के अलावा व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित कर सकेंगे।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के बाद यहां 100 सीटें आवंटित की गई है। वर्तमान में 96 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिनको पढ़ाई के अलावा व्यावाहरिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। एनएमसी की पहल पर शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओर से 96 छात्र छात्राओं को गजरौला गांव का दौरा कराया गया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ संवाद किया और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। विशेष रुप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया। छात्रों ने परिवारों की स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाने स्वच्छता बनाए रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें जागरुक किया। इस दौरान प्रत्येक छात्र ने तीन-तीन परिवारों को गोद लेकर उनकी देखभाल करने और स्वस्थ्य स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। अब यह छात्र छात्राएं गोद लिए गए परिवारों की देखभाल करने के लिए गांव में हेल्थ कैंप का आयोजन कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। ग्राम प्रधान यशोदा देवी और पिच्हत्तर सिंह ने इस पहल की सराहना की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उनके साथ सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण सिंह, डॉ. पूजा सिंदवानी, डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. आनंद स्वरुप, डॉ. मनीषा स्कॉट का सहयोग रहा।
यह पहल एनएमसी की ओर से लागू की गई है। ये छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा। समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाएगा। ग्रामीण परिवेश को समझने का मौका मिलेगा। ताकि भविष्य में बेहतर सूझबूझ के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को निपटाने में सक्षम बन सकें। - डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
