शााहजहांपुर: शहर का चर्चित डॉ. पारस अपहरण कांड: अपहरण और पुलिस मुठभेड़ मामले में आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास

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Edited By Pradeep Kumar
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वर्ष 2007 में जिला अस्पताल के पास रात नौ बजे डॉ. पारस को हो गया था अपहरण

शाहजहांपुर, अमृत विचार। वर्ष 2007 में डॉ. पारस अपहरण कांड और पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ में सकुशल बरामदगी मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय कक्ष संख्या 24 की कोर्ट के न्यायाधीश नरेंद्रनाथ पांडेय ने दोषी पाए जाने पर आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। वर्ष 2007 में जिला अस्पताल के पास रात नौ बजे डॉ. पारस का दो बाइक पर सवार पांच शस्त्रधारी बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। फिरौती की रकम देने के दौरान तिलहर के खानपुर के पास बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने अपह्त की सकुशल बरामदगी कर ली थी।

चौक कोतवाली के मोहल्ला बक्सरिया निवासी विनीत कुमार मेहरोत्रा पुत्र डॉ. पीएन मेहरोत्रा ने दो अगस्त 2007 को चौक कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि आज रात करीब नौ बजे वह अपने बड़े भाई डॉ. पारस मेहरोत्रा को अपने मित्र मोहल्ला चमकनी करबला निवासी फुरकान के साथ केरूगंज स्थित दुकान बंद कराकर बाइक से साउथ सिटी स्थित घर छोड़ने जा रहे थे। जिला अस्पताल के सामने वन विभाग वाली पुलिया के पास पहुंचे, तभी सामने से एक रोडवेज की बस आई, जिसकी वजह से बाइक रोक ली, इसी दौरान दो बाइक पर सवार शस्त्रों से लैस पांच लोग आ गए और मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए भाई पारस का अपहरण कर ले गए। डॉ. पारस को छोड़ने के बदले फिरौती देने के लिए परिजनों को अपहरणकर्ताओं ने छह अगस्त की रात तिलहर के गांव खानपुर के पास बुलाया था।

खानपुर से पहले पड़ने वाली नहर की पटरी पर बाई तरफ मुड़कर थोड़ा आगे चलने पर आगे पटरी पर सड़क खत्म होते ही रास्ता खराब होने के कारण मारुति वैन रोकनी पड़ी, उस मारुति वैन के पीछे पुलिस पार्टी की मारुति वैन बिना लाइट जलाए हुए आगे वाली मारुति वैन के पीछे रोक दी। रात करीब 12:40 बजे मारुति वैन से करीब 40-50 कदम आगे टार्च की रोशनी डालकर अपहरणकर्ताओं ने डॉ. पारस के भाइयों विनीत व अमित को फिरौती कर रकम लेकर पहुंचने का इशारा किया। दोनो भाई मौके पर पहुंचे और एक बैग में भरी किताबों, अखबारों व पांच हजार रुपये लेकर आगे बढ़े और अपने भाई पारस को वापस करने के लिए कहा। इस पर 15-20 बदमाश गन्ने के खेत से निकलकर नहर की पटरी पर आकर दोनों भाइयों को घेरने लगे का प्रयास करने लगे। आवाज लगाकर डॉ. पारस के होने का आभास कराते हुए एक बदमाश ने विनीत के हाथ से बैग छीन लिया। दूसरे बदमाश ने फायर कर दिया, जिस पर दोनों भाइयों ने जमीन में लेट कर अपनी जान बचाई। इतने में पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया तो अपहरणकर्ताओं ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी, जवाब में पुलिस पार्टी ने विनीत, अमित का बचाव करते हुए अपहरणकर्ताओं पर कई राउंड फायरिंग की। इससे अपहरणकर्ताओं का हौसला टूट गया और अपह्त डॉ. पारस को नहर की दूसरी पटरी के किनारे गन्ने के खेत में बंधा हुआ छोड़कर धान व गन्ने के खेत से होते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।

डॉ. पारस की सकुशल बरामदगी हो गई। अपहरणकर्ताओं से पुलिस मुठभेड़ का मामला थाना तिलहर में दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना समाप्त होने के दौरान पुलिस ने प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेज दिए। जहां मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह, उमेश चंद्र द्विवेदी के तर्को को सुनने के बाद पत्रावली का अवलोकन कर धारा 364ए का दोषी पाए जाने पर आठ अभियुक्तों सतीश मिश्रा, शिशुपाल सिंह,नन्हें, सज्जाद, जाहिद हसन, रघुनंदन, श्रवण मिश्रा, लल्ला मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

...और इस तरह अपहरणकर्ताओं के नाम आए सामने
इधर, विवेचना के दौरान 15 अगस्त 2007 को कांट थाना पुलिस के हत्थे गैंगस्टर एक्ट का आरोपी रजनीश मिश्रा उर्फ लटूरी चढ़ गया। पूछताछ में लटूरी ने दो अगस्त 2007 की रात डॉ. पारस मेहरोत्रा के अपहरण की घटना का इकबाल करते हुए अपने साथियों के नाम बताए। विवेचना समाप्त होने के दौरान पुलिस ने प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेज दिए।    

इन अभियुक्तों को सुनाई गई सजा
थाना कांट के गांव पटियारी निवासी सतीश मिश्रा, थाना तिलहर के गांव खानपुर निवासी शिशुपाल सिंह, थाना तिलहर के गांव ढका उधरनपुर निवासी नन्हें, चौक कोतवाली के मोहल्ला सिंजई निवासी सज्जाद, जाहिद, मदराखेल निवासी रघुनंदन, मूल निवासी हरदोई के थाना पचदेवरा के मजरा सुल्तानपुर, हाल पता थाना सेहरामऊ दक्षिणी के गांव पंचोली निवासी श्रवण मिश्रा, मदराखेल निवासी लल्ला मिश्रा को 64 ए में आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसी मामले में थाना कांट के गांव रावतपुर निवासी ताज अली उर्फ मुन्ना को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। 

मुकदमा विचारण के दौरान इन लोगों की हो गई मृत्यु
मुकदमा विचारण के दौरान अभियुक्त मूल रूप से हरदोई के थाना पचदेवरा के गांव लखनौर व हाल पता कोतवाली के मोहल्ला मदराखेल निवासी रजनीश मिश्रा उर्फ लटूरी और थाना कांट के गांव हठीपुर कुर्रिया निवासी हरनाम सिंह उर्फ हन्नू की मृत्यु हो गई।

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