कासगंज: युवक की हत्या का आरोप लगाकर नहीं उठने दिया शव तो पुलिस ने कर दिया लाठीचार्ज
परिजन गांव के ही शराब ठेका सेल्समैन पर लगा रहे हत्या का आरोप
कासगंज, अमृत विचार। पटियाली कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर में हुई युवक की मौत नया मोड़ ले चुकी है। परिजनों ने गांव के ही शराब बिक्री करने वाले सेल्समैन पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया है। इधर परिजनो ने शव नहीं उठने दिया। पुलिस के लाख समझाने के बाद भी परिजन नहीं माने और पुलिस से ही भिड़ गए। इधर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लाठी चार्ज कर दिया। उसके बाद परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। सूचना एएसपी और सीओ पटियाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में पीएसी बल को तैनात कर दिया गया। माहौल तनाव पूर्ण बना हुआ है।
गांव करनपुर निवासी अजय को शराब बिक्री करने वाले सेल्समैन ने शुक्रवार की रात घर से बुला लिया। शनिवार की सुबह अजय का शव गांव करनपुर के समीप मिला। संतुष्टि के लिए परिजन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटियाली ले गए। यहां से कासगंज रेफर कर दिया गया। कासगंज में चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। उसके बाद परिजन शव लेकर गांव वापस चले गए। यहां शराब बिक्री के सेल्समैन पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव नहीं उठने दिया। धीमे धीमे मामले की संवेदनशीलता देखते हुए। आस पास के थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया गया। शनिवार की रात भर हंगामा होता रहा। रविवार की सुबह एएसपी राजेश भारती, सीओ पटियाली राजकुमार पाण्डेय मौके पर पहुंच गए। इससे पहले पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज किया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने अधिकारियों से भी की है। एएसपी के समझाने के बाद ग्रामीण माने और शव को उठने दिया। गांव में एतिहात के तौर पर पुलिस पीएसी तैनात है। एएसपी, राजेश भारती ने बताया कि मौके पर जाकर मुआयना किया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट भीआ गई है, जो परिजनों को दिखा दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कहीं भी चोट के निशान नहीं है। फिर भी हर पहलू पर जांच की जा रही है।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार
अजय का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ है। अजय की पत्नी संतोष ने अवनीश के विरुद्ध तहरीर दी है। उसके दो बेटे और एक बेटी है। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
प्रतिशोध की ज्वाला में कहीं ओर न बहे खून
जिस हिसाब से ग्रामीण और परिजनों में आरोपी के विरुद्ध आक्रोश दिखाई दे रहा था। उससे प्रतीत होता है कि पीड़ित परिवार में प्रतिशोध की ज्वाला भड़क रही है। ऐसे में चिंता इस बात की सता रही है कि प्रतिशोध की ज्वाला में कहीं ओर खून न बह जाए।
