मायावती बोलीं- आंबेडकर से जुड़ी शाह की टिप्पणी पर कांग्रेस का उतावलापन विशुद्ध छलावा व स्वार्थ की राजनीति 

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने संसद में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की कथित अपमानजनक टिप्पणी पर रविवार को प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि इस मामले पर कांग्रेस का उतावलापन विशुद्ध छलावा व स्वार्थ की राजनीति है। 

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “ अमित शाह द्वारा संसद में परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का अनादर किए जाने को लेकर देश भर में लोगों में भारी आक्रोश है, लेकिन बाबासाहेब उपेक्षा व देशहित में उनके संघर्ष को हमेशा आघात पहुंचाने वाली कांग्रेस का इसको लेकर उतावलापन विशुद्ध छलावा व स्वार्थ की राजनीति है।” 

मायावती ने कांग्रेस के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए लिखा कि बाबा साहेब का नाम लेकर उनके अनुयाइयों के वोट मांगने की स्वार्थ की राजनीति करने में कांग्रेस व भाजपा समेत विभिन्न पार्टियां एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के आत्म-सम्मान के कारवां को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सभी पार्टियां बसपा को आघात पहुंचाने के षडयंत्र में लगी रहती हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि वास्तव में बाबा साहेब समेत बहुजन समाज में जन्मे महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को भरपूर आदर-सम्मान केवल बसपा की सरकार में ही मिल पाया, जो “जातिवादी पार्टियों” को हजम नहीं हुआ। 

समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा “खासकर सपा ने तो द्वेष के तहत नए जिले, नयी संस्थाओं व जनहित योजनाओं आदि के नाम भी बदल डाले थे।” कांग्रेस ने मंगलवार को संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह की आंबेडकर के बारे में टिप्पणी के लिए उनसे माफी की मांग की। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी दर्शाती है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं में बी आर आंबेडकर के प्रति ‘‘काफी नफरत’’ है। इसके बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ आंदोलन भी चलाया। 

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