बरेली: आतिशबाजी से बिगड़ी आबोहवा, दीपावली पर छोड़े गए इतने करोड़ के पटाखे
बरेली,अमृत विचार। ज्योति पर्व दीपावली शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। घर-घर दीप जले और मोमबत्तियां जगमगा उठीं। शहर में पटाखों की गूंज और आतिशबाजी से आसमान नहा उठा, तो गणेश-लक्ष्मी जी के आह्वान के साथ घरों और दुकानों में विधि विधान से पूजन हुआ। शहरवासियों ने एक ही रात में 22 से 25 करोड़ …
बरेली,अमृत विचार। ज्योति पर्व दीपावली शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। घर-घर दीप जले और मोमबत्तियां जगमगा उठीं। शहर में पटाखों की गूंज और आतिशबाजी से आसमान नहा उठा, तो गणेश-लक्ष्मी जी के आह्वान के साथ घरों और दुकानों में विधि विधान से पूजन हुआ। शहरवासियों ने एक ही रात में 22 से 25 करोड़ रुपये की आतिशबाजी का धुआं उड़ा दिया। इससे शहर में प्रदूषण भी बढ़ गया। रविवार की सुबह शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 का आंकड़ा पार कर गया, हालांकि शाम को हुई बारिश की वजह से प्रदूषण में गिरावट भी आई।
दीपावली की धूम तो कई दिनों से दिखने लगी थी। शनिवार को सुबह से ही ज्योति पर्व की लोगों ने विशेष तैयारियां शुरू कर ली थीं। खील-खिलौनों, कैलेंडर, मोमबत्तियों, पटाखों, मिठाई व पूजन-सामग्री आदि की बाजार में खरीददारी पूरे दिन होती रही। शाम होते ही घरों व दुकानों में गणेश जी एवं लक्ष्मी जी का पूजन शुरू हो गया। इसके बाद आतिशबाजी का धमाकेदार दौर शुरू हुआ। पटाखों, फुलझड़ी, चकरियों, अनारबम और रॉकेट आदि से आसमान नहा उठा। चारों ओर रोशनी ही रोशनी बिखरी नजर आ रही थी। विद्युत चलित झालरों और मोमबत्तियों से प्रकाश फैला हुआ था।
रामपुर बाग, राजेंद्रनगर, पवन विहार, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, प्रेमनगर, आलमगिरिगंज और संजयनगर समेत ग्रामीण अंचलां में देर रात तक आतिशबाजी होती रही। लोग सड़क व छतों पर आतिशबाजी छुड़ाते रहे। बच्चों ने परिवार वालों के साथ खुशियों का त्योहार मनाया। घरों में मिठाई के साथ ही पकवान भी बनाए गए थे और लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। महिलाओं ने घरों में रंगोलियां भी सजाई। बच्चों में दीपावली को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। देर रात तक आतिशबाजी होती रही।
“इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद नहीं थी, मगर प्रशासन से सहयोग मिलने पर इस बार पटाखा कारोबारियों के आंसू पुछ गए। दीपावली के दिन ज्यादातर पटाखों की दुकानें रात नौ बजे तक खाली हो गई थी। एक अनुमान के मुताबिक करीब 22 से 25 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है।” -कृष्ण देव सूद, अध्यक्ष, आतिशबाजी थोक व्यापार संघ
बाजारो में रही भीड़
दीपावली को दिनभर खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, उनके परिधान, माला, गहने, कमल व अन्य फूल सामाग्री, फल आदि की खरीददारी की। रेडीमेड कपड़ों, इलेक्ट्रिॉनिक्स, पटाखा और पूजन सामग्री की जमकर बिक्री हुई। दीपावली पर लोगों ने बिजली की झालरों से घरों की सजावट की। घरों में आंगन और चौखट पर पारंपरिक रंगोली और स्टीकर वाली रंगोली भी जमकर बनाई गई। घर को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, शाम को दीपों से घरों को सजाया गया।
इन इलाकों में यह रही वायु गुणवत्ता सूचकांक:-
सिविल लाइन: 370- 456
राजेंद्रनगर: 310-420
गंगापुर: 320-467
सिकलापुर: 290-435
कोहाड़ापीर: 330- 478
साहूकारा: 356-437
आलंगिरीगंज: 318-430
गांधीनगर: 290-422
100 फूटा रोड(कालोनियां): 312-469
सिंधुनगर: 325-458
पवन विहार: 312-416
आशुतोष सिटी: 328-418
महानगर: 314-428
बिहारीपुर: 303से 412
सुभाषनगर: 340 से 446
255 संक्रमितों ने मनाई कोविड अस्पतालों में दीपावली
जिले में छह कोविड अस्पतालों में भर्ती 255 संक्रमित मरीजों ने अस्पतालों में ही दीपावली मनाई। इसके लिए अस्पताल प्रबंधनों ने विशेष इंतजाम भी किए। वर्तमान में जिले में 530 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं। इनमें 275 संक्रमित होम आइसोलेट हैं, जबकि 255 लोग दो प्राइवेट व चार सरकारी कोविड अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें तीन सौ बेड अस्पताल में करीब 15 लोग भर्ती हैं। इन सभी की दीवाली रोशन हो, इसके लिए अस्पतालों में मिठाई के साथ दीयों, झालरों आदि की व्यवस्था की। कोविड अस्पताल में पूजा-अर्चना के बाद मिठाई वितरित भी की। कोरोना संक्रमण फिर से तेजी से न फैले, इसलिए स्वास्थ्य महकमे ने टीम-बी तैयार की है। इसमें ऐसे लोगों को रखा गया है जो त्योहार पर छुट्टी नहीं जाएंगे। वहीं, 1130 चिकित्सकों समेत पैरामेडिकल स्टाफ ने मरीजों संग दीपावली मना कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
