बरेली: बहनों ने बंदियों को ऐसे दी भैया दूज की बधाई

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल की वजह से इस बार जेल के बंदियों की भैया दूज बिल्कुल अलग रही। रक्षाबंधन की तरह ही भैया दूज पर भी वह अपनी बहनों से नहीं मिल सके। बंदियों और बहनों के बीच की इस दूरी को मिटाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल की वजह से इस बार जेल के बंदियों की भैया दूज बिल्कुल अलग रही। रक्षाबंधन की तरह ही भैया दूज पर भी वह अपनी बहनों से नहीं मिल सके। बंदियों और बहनों के बीच की इस दूरी को मिटाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए थे। इसके तहत बहनों के वीडियो व ऑडियो संदेश रिकार्ड कर पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम के तहत बंदियों को सुनाए गए। यही नहीं जिन बंदियों ने अपनी बहन और भाई से फोन पर बात करने की इच्छा जताई थी, उनकी बात कराई गई। जिला जेल प्रशासन के मुताबिक 912 पुरुष बंदियों की उनकी बहनों और 35 महिला बंदियों की उनके भाइयों से फोन पर वार्ता हुई।

कोरोना की वजह से जेल में बंदियों से मुलाकात पर रोक लगी हुई है। भैया दूज पर पर डीजी जेल के निर्देशों के तहत केसरपुर स्थित नवीन जिला कारागार में 14 नवंबर शाम तक बहनों को रोली व टीका जमा करने के लिए काउंटर खोला गया था। काउंटर पर काफी संख्या में बहनों ने भाइयों के लिए पैकेट उपलब्ध कराए। भैया दूज के दिन सभी सामान को सैनेटाइज कराकर बंदियों को उपल्बध कराया गया। सोमवार को भी बहनें रोली-टीका लेकर जेल के बाहर पहुंच गईं, लेकिन किसी की मुलाकात नहीं करायी गई। उनका सामान लेकर उसे सैनेटाइज कराकर बंदियों तक पहुंचा दिया गया। इसके अलावा बहनों का आडियो व वीडियो संदेश मोबाइल में रिकार्ड कर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सुनवाया गया। जिला जेल अधीक्षक वीर विक्रम सिंह ने बताया कि सभी इच्छुक बंदियों की उनकी बहनों व भाइयों से फोन पर वार्ता करायी गई है। सुबह 8 बजे से फोन पर वार्ता शुरू करा दी गई थी। इसके अलावा पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम से बहनों के संदेश बंदियों को सुनाए गए।

सेंट्रल जेल में दूर दराज के बंदी होते हैं, जिसकी वजह से बहनें कम ही पहुंचती हैं। सोमवार को जो बहनें पहुंची, उनका संदेश पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम से सुनवाया गया। सेंट्रल जेल अधीक्षक आर एन पांडेय ने बताया के जेल महा निदेशक के निर्देशों के तहत भैया दूज का त्योहार जेल में मनाया गया। भैयादूज पर इंटरकॉम, फोन और आडियो के जरिए बंदियों को बहनों का संदेश पहुंचाया गया।

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