पीलीभीत: निर्माणाधीन आरसेटी सेंटर पर ग्रामीणों ने डाला डेरा...कर डाली ये मांग 

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Published By Monis Khan
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पीलीभीत, अमृत विचार। एक दिन पूर्व आरसेटी सेंटर को लेकर हुई शिकायत के बाद जहां राजनीति गरमा गई है। प्रशासनिक अमला भी कटघरे में खड़ा कर दिया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरुआत में ही ठप पड़ चुका है। अपनी जमीन सेंटर बनने के लिए देने के बाद दूसरे स्थान पर जगह की मांग करने वालों ने डेरा डाल दिया है। ये परिवार दिन-रात निर्माणाधीन आरसेटी सेंटर के पास ही जमा होकर निगरानी करने में जुटे हैं।

उनका कहना है कि पहले उन्हें जमीन के एवज में दूसरे स्थान पर जगह दी जाए, तभी वह निर्माण कार्य होने देंगे। वहीं, प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में सभी अपात्र पाए जा  चुके हैं। जिसकी वजह से जमीन मुहैया करा पाना संभव नहीं है। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप के बीच आरसेटी सेंटर के निर्माण में पेंच फंसता दिख रहा है। शनिवार को भी तमाम ग्रामीण चिन्हित जमीन के पास जमा रहे और निगरानी की जाती रही।
  
मरौरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कल्यानपुर नौगवां में ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास रुरल सेल्फ इम्प्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरसेटी) भवन बनाया जा रहा है। इसके लिए तत्कालीन डीएम द्वारा गांव में भूमि अधिग्रहण समेत कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए जगह चिन्हित की थी। इसके निर्माण के लिए ढाई करोड़ रुपये की धनराशि भी आवंटित की जा चुकी है। इससे निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। मगर, जमीन को लेकर विरोध सामने आया गया और काम रोकना पड़ा है। भाजपा के बरखेड़ा  विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कुछ ग्रामीणों का हवाला देते हुए ये साफ कह दिया है कि जिन ग्रामीणों की जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्हें पहले दूसरे स्थान पर जगह आवंटित की जाए। 

इधर, राष्ट्रीय ग्राम पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष सावित्री देवी ने भी शुक्रवार को डीएम से शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया कि विधायक के ससुराल पक्ष के लोग उक्त आरसेटी भवन को लेकर चिन्हित जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। जिसमें विधायक द्वारा मदद की जा रही है। ये दवाब बनाया जा रहा है कि उनके ससुराल पक्ष समेत 17 लोगों को जब तक गांव में जमीन आवंटित नहीं की जाती है तब तक आरसेटी भवन का कार्य नहीं होने देंगे। इसकी उच्च स्तर पर जांच कराकर निस्तारण कराने की मांग की गई थी। इधर, डीएम संजय कुमार सिंह ने एसडीएम से मामले की जांच कराई तो जिन परिवारों के लिए विधायक की ओर से जगह आवंटित करने की मांग की जा रही है, वह सभी अपात्र पाए गए हैं। जिसके चलते उन्हें अब दूसरे स्थान पर जमीन कैसे दी जाएगी। इसे लेकर पेंच फंस गया है। फिलहाल वर्तमान में आरसेटी सेंटर का काम ठप पड़ चुका है।

 दोनों तरफ से चल  रही शिकायतों के बीच जगह की मांग करने वाले परिवार के ग्रामीण भी खुलकर सामने आ गए हैं। वह शनिवार को भी  सुबह से ही आरसेटी सेंटर के निर्माण को चिन्हित जगह पर ही डेरा जमाए रहे। उनका कहना था कि डीएम के स्तर से उन्हें दूसरी जमीन मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया था, मगर अब ऐसा नहीं किया जा रहा है। वह सेंटर बनने के विरोध में नहीं है, लेकिन अपनी जगह के एवज में दूसरे स्थान पर जमीन की मांग कर रहे हैं। ताकि बच्चों के लिए एक कमरा ही बन सकें।  ये भी कहा कि वह तो दिन ही नहीं रात में भी निगरानी को कड़ाके की ठंड के बीच जाग रहे हैं।

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