'पीडीए दिवस' के रूप में सपा मनाएगी कांशीराम जयंती, तो जवाब में बसपा ने बनाया यह बड़ा प्लान

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) संस्थापक कांशीराम की जयंती को समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से 'पीडीए दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा का जवाब देने की तैयारी बसपा ने कर ली है। कांशीराम की 92वीं जयंती पर 15 मार्च को लखनऊ में आयोजित जनसभा को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की तरफ से सम्बोधित करने की संभावना है। 

हालांकि अभी इसकी औपचारिक पुष्टि पार्टी की तरफ से नही की गई है। 15 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम स्मृति स्थल पर आयोजित भव्य कार्यक्रम के लिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से "लखनऊ चलो" का आह्वान किया है। कार्यक्रम में प्रदेश के करीब 12 मंडलों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।

इसके अलावा नोएडा में भी एक अलग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें छह मंडलों के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद उसी दिन राजस्थान के भरतपुर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे जबकि इसके पूर्व कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती लखनऊ में जनसभा को सम्बोधित कर चुकी हैं। 

गौरतलब है कि बसपा के लगातार हाशिये पर जाने और पार्टी के पुराने नेताओ द्वारा दूसरे दलों में चले जाने की वजह से प्रदेश में दलित वोटों पर एकाधिकार को लेकर भाजपा व सपा लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांशीराम की जयंती को 'पीडीए दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है। 

उन्होंने कहा है कि कांशीराम की सामाजिक न्याय की विचारधारा आज भी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की लड़ाई को दिशा देती है। हालांकि मायावती लगातार सोशल मीडिया के जरिये सपा पर हमलावर हैं। 

उन्होंने सपा पर कांशीराम की विरासत को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांशीराम की विचारधारा को सही मायनों में बसपा ही आगे बढ़ा रही है और अन्य दल चुनाव के समय ही उन्हें याद करते हैं। 

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